Bihar News : गयाजी में फल्गु को स्वच्छ और साफ़ बनाने के लिए तेज हुई कवायद, रबर डैम और देव घाट पर 'श्रमदान' से हटाई गई गंदगी

Bihar News : गयाजी में फल्गु नदी को साफ़ और स्वच्छ बनाने के लिए स्थानीय लोग खुद ही आगे आये हैं. इसी कड़ी में कई घाटों पर सफाई अभियान चलायी गयी......पढ़िए आगे

फल्गु को साफ़ करने की कवायद - फोटो : SOCIAL MEDIA

GAYAJI : स्वच्छ फल्गु- स्वच्छ गयाजी अभियान के बैनर तले आज रविवार को गयाजी के रबर डैम सहित देव घाट पर श्रमदान से फल्गु को स्वच्छ एवं साफ़ करने का अभियान चलाया गया। 

स्वच्छता अभियान कार्यक्रम  में संयोजक प्रो विजय कुमार मिट्ठू,  सह संयोजक दामोदर गोस्वामी, नारायण मर्मज्ञ दीपू लाल भैया, भारत स्काउट गाइड के जिला सचिव रंजीत कुमार, राज किशोर पांडेय, स्काउट गाइड कैडर में राधिका कुमारी, सिमरन कुमारी, रौशनी कुमारी  अंकिता कुमारी, प्रीति पांडे, वर्षा राज्य, माही कुमारी, प्रतिज्ञा कुमारी, राज् कुमारी, खुशी कुमारी, पूनम कुमारी  खुशबु कुमारी, राखी कुमारी, चंचला कुमारी,  राम प्रमोद सिंह,  रवीन्द्र कुमार,  विनोद कुमार आदि ने कहा कि विश्व प्रसिद्ध अंतह सलिला, मोक्ष दायिनी फल्गु नदी को घनी आबादी के बीच स्वच्छ और साफ़ रखने के लिए सप्ताह के प्रत्येक रविवार को एक से दो घंटा श्रमदान कर इसे साफ़ रखने हेतु गयाजी वासियों के बीच जागरुकता अभियान चलाया गया ताकि इस कार्यक्रम में घर- घर से लोग शामिल हो सके।

नेताओं ने कहा कि फल्गु नदी के उद्गम स्थल बोधगया के अम्मां से शुरू हो कर पश्चिमी छोर के खीरीयावां, केंदुई , डण्डी बाग, विष्णुपद, देव घाट,  गायत्री घाट,  ब्राह्मणी घाट, पिता महेश्वर घाट,  महादेव घाट,  सीढिया घाट,  किरानी घाट,  राय बिंदेशवरी घाट,   मौरिया घाट , रामशीला घाट,  कंडी नवादा घाट तथा पूर्वी छोर पर छाछ, बसतपूर, परेवा, भादेजा- भदेजी, सेलमपूर, भूषणडा़ - नौरंगा, लखीबाग , उतरी लखीबाग , जनकपुर, हेड मानपूर, पटवा टोली,   अलीपूर, शादीपूर के सम्मानित जनता से आग्रह किया गया कि सप्ताह के प्रत्येक रविवार को श्रमदान कर स्वच्छ फल्गु, स्वच्छ गयाजी अभियान में शामिल होकर फल्गु को गंदगी मुक्त, झाड़ी मुक्त कर स्वच्छ बनाने में साथ दे। 

नेताओं ने इस अभियान से जुड़ कर फल्गु नदी के दोनों  छोरों पर मैरीन ड्राईव बनवाने जिसमें पश्चिम छोर पर बोधगया से चाकन्द   एवं पूर्वी छोर पर बतशापूर से   खिजरसाराय तक सड़क का निर्माण होने से फल्गु का अस्तित्व अक्षुण्ण हो जाएगा तथा घनी आबादी वाले क्षेत्रों में साफ़-सफाई से इसकी रौनकता में चार चांद लगेगा।