केंद्रीय मंत्री मांझी को सोशल मीडिया पर धमकी देने वाला आरोपी गिरफ्तार, नालंदा से दबोचा गया सरदार

Bihar Crime : गयाजी साइबर थाना पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। थाना की विशेष टीम ने केन्द्रीय मंत्री जीतन राम मांझी को सोशल मीडिया के माध्यम से खुलेआम धमकी देने वाले को धर दबोचा है.....

केंद्रीय मंत्री मांझी को धमकी देने वाला गिरफ्तार- फोटो : मनोज कुमार

Gayaji : केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) मंत्री जीतन राम मांझी को सोशल मीडिया पर खुलेआम धमकी देने और उनके खिलाफ अभद्र टिप्पणी करने के मामले में पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। साइबर थाना पुलिस की विशेष टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी राजेंद्र राय उर्फ सरदार को नालंदा जिले के लहरिया सराय मोहल्ले से गिरफ्तार कर लिया है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल होने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया था, जिसमें आरोपी केंद्रीय मंत्री पर हमला करने की बात कहता नजर आ रहा था।


साइबर डीएसपी के नेतृत्व में देर रात हुई छापेमारी, आरोपी को लाया गया गयाजी

यह पूरी कार्रवाई गया साइबर डीएसपी अब्दुर रहमान दानिश के कुशल नेतृत्व में गठित एक विशेष टीम द्वारा की गई। वीडियो का तकनीकी विश्लेषण करने और आरोपी की लोकेशन ट्रेस करने के बाद, पुलिस टीम ने गुरुवार की देर रात नालंदा जिले के लहरिया सराय इलाके में योजनाबद्ध तरीके से छापेमारी की। इस दौरान पुलिस ने मौके से राजेंद्र राय उर्फ सरदार को धर दबोचा। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए, गिरफ्तारी के फौरन बाद आरोपी को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच गया लाया गया, जहां संबंधित थाने में रखकर उससे आगे की पूछताछ की जा रही है।


साजिश या व्यक्तिगत खुन्नस? हर एंगल से तफ्तीश में जुटी पुलिस

गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए साइबर डीएसपी अब्दुर रहमान दानिश ने बताया कि आरोपी राजेंद्र राय उर्फ सरदार को हिरासत में लेकर गहन पूछताछ की जा रही है। पुलिस मुख्य रूप से इस बात की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है कि आरोपी का किसी सक्रिय राजनीतिक संगठन, असामाजिक तत्व या किसी विशेष व्यक्ति से कोई गुप्त संबंध है या नहीं। इसके साथ ही पुलिस इस महत्वपूर्ण पहलू पर भी तफ्तीश कर रही है कि आरोपी ने यह विवादित वीडियो किसी के बहकावे, उकसावे या राजनीतिक दबाव में आकर बनाया था या फिर यह उसकी अपनी कोई व्यक्तिगत हरकत थी।


सोशल मीडिया पर माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वालों पर प्रशासन का सख्त रुख

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, देश के एक केंद्रीय मंत्री और सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री की सुरक्षा से जुड़ा मामला होने के कारण इसे बेहद गंभीरता से लिया जा रहा है। आरोपी के पास से इस्तेमाल किए गए मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल उपकरणों को जब्त कर लिया गया है। साइबर सेल की फॉरेंसिक टीम आरोपी के सोशल मीडिया प्रोफाइल्स, कॉल डिटेल्स और इंटरनेट एक्टिविटी (डिजिटल साक्ष्यों) को बारीकी से खंगाल रही है, ताकि यह साफ हो सके कि इस वीडियो को बनाने और वायरल करने के पीछे कोई सुनियोजित साजिश तो काम नहीं कर रही थी।


जनप्रतिनिधियों के खिलाफ आपत्तिजनक कंटेंट पर पुलिस की पैनी नजर

इस बड़ी गिरफ्तारी के बाद पुलिस और जिला प्रशासन ने साफ कर दिया है कि सोशल मीडिया की आड़ में किसी भी जनप्रतिनिधि या संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति के खिलाफ अमर्यादित भाषा का प्रयोग, हिंसा को बढ़ावा देना या धमकी भरा कंटेंट पोस्ट करना कानूनन भुगतना पड़ेगा। गया पुलिस ने आम लोगों और सोशल मीडिया यूजर्स से भी अपील की है कि वे किसी भी प्रकार के भड़काऊ या आपत्तिजनक वीडियो को फॉरवर्ड या शेयर न करें। पुलिस की सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सेल ऐसे भ्रामक और कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वाले पोस्टों पर चौबीसों घंटे पैनी नजर रख रही है।


मनोज की रिपोर्ट