Bihar News: गोपालगंज में दूध से बना व्यंजन खाते ही 10 मासूम समेत 12 लोग बीमार, फेंसा बना आफत, गांव में मचा हड़कंप

Bihar News: खुशियों का माहौल उस वक्त चीख-पुकार में बदल गया, जब मवेशी के बछड़े के जन्म की खुशी में तैयार किया गया पारंपरिक व्यंजन 'फेंसा' पूरे परिवार के लिए मुसीबत बन गया।...

फेंसा बना आफत- फोटो : social Media

Gopalganj:  जिले में खुशियों का माहौल उस वक्त चीख-पुकार में बदल गया, जब मवेशी के बछड़े के जन्म की खुशी में तैयार किया गया पारंपरिक व्यंजन 'फेंसा' पूरे परिवार के लिए मुसीबत बन गया। बैकुंठपुर थाना क्षेत्र के कृतपुरा गांव में दूध से बना यह व्यंजन खाने के बाद 10 मासूम बच्चों समेत 2 महिलाएं फूड प्वाइजनिंग का शिकार हो गईं। अचानक एक साथ कई लोगों की तबीयत बिगड़ने से पूरे गांव में अफरा-तफरी और दहशत फैल गई।

परिजनों के मुताबिक, गांव निवासी अनिल सहनी के घर मवेशी ने हाल ही में बछड़े को जन्म दिया था। परंपरा के अनुसार ताजा दूध से फेंसा तैयार किया गया और खुशी साझा करने के लिए इसे रिश्तेदार सिपाही सहनी के घर भी भेजा गया। बुधवार की रात परिवार के बच्चों और महिलाओं ने बड़े चाव से यह व्यंजन खाया, लेकिन कुछ ही देर बाद खुशियां मातम जैसी बेचैनी में बदल गईं।

फेंसा खाने के थोड़ी ही देर बाद एक-एक कर सभी लोगों को तेज उल्टी, दस्त और पेट में असहनीय दर्द की शिकायत होने लगी। देखते ही देखते 10 बच्चे और 2 महिलाओं की हालत बिगड़ गई। परिजनों ने बिना समय गंवाए सभी को आनन-फानन में नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने तत्काल इलाज शुरू किया। डॉक्टरों की निगरानी में सभी मरीजों का उपचार जारी है। राहत की बात यह है कि फिलहाल सभी की हालत में धीरे-धीरे सुधार बताया जा रहा है।घटना की सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय प्रशासन भी सतर्क हो गया। चिकित्सक यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि आखिर फूड प्वाइजनिंग की वजह क्या रही। आशंका जताई जा रही है कि दूध या उससे बने व्यंजन में किसी प्रकार का संक्रमण, दूषित पदार्थ या बैक्टीरिया होने के कारण यह घटना हुई हो सकती है। यदि जरूरत पड़ी तो खाद्य सामग्री के नमूने लेकर उसकी भी जांच कराई जाएगी।

इस घटना के बाद पूरे कृतपुरा गांव में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों से अपील की गई है कि दूध या उससे बने किसी भी खाद्य पदार्थ का सेवन करने से पहले उसकी स्वच्छता और गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखें। वहीं चिकित्सकों ने सलाह दी है कि यदि किसी व्यक्ति को भोजन करने के बाद उल्टी, दस्त, पेट दर्द या चक्कर जैसी शिकायत हो तो घरेलू इलाज के भरोसे न रहें, बल्कि तुरंत अस्पताल पहुंचकर इलाज कराएं।फिलहाल सभी मरीज चिकित्सकीय निगरानी में हैं और स्वास्थ्य विभाग पूरे मामले की जांच में जुटा हुआ है, ताकि फूड प्वाइजनिंग की वास्तविक वजह सामने आ सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।

रिपोर्ट- नमोनारायण मिश्रा