Bihar News: जदयू विधायक पप्पू पांडेय को कोर्ट से राहत, हाई प्रोफाइल केस में गिरफ्तारी पर कोर्ट ने लगाया लगा ब्रेक

Bihar News: कुचायकोट जदयू विधायक अमरेंद्र कुमार पाण्डेय उर्फ पप्पू पाण्डेय एवं उनके CA राहुल तिवारी को कोर्ट से बड़ी राहत मिल गई है। कोर्ट ने विधायक एवं CA के गिरफ्तारी पर फिलहाल रोक लगा दिया है।

जदयू विधायक पप्पू पांडेय को कोर्ट से राहत- फोटो : reporter

Bihar News:बिहार के गोपालगंज में इन दिनों सियासत और जुर्म की दुनिया का ऐसा कॉकटेल तैयार हो गया है, जिसने पूरे सिस्टम को कटघरे में खड़ा कर दिया है। कुचायकोट के जदयू विधायक अमरेंद्र कुमार पांडेय उर्फ पप्पू पांडेय और उनके सीए राहुल तिवारी को कोर्ट से मिली बड़ी राहत ने इस केस को और ज्यादा हाई-प्रोफाइल बना दिया है। कोर्ट ने फिलहाल दोनों की गिरफ्तारी पर रोक लगाकर पुलिस की कार्रवाई पर ब्रेक लगा दिया है, जिससे इस पूरे मामले में नया ट्विस्ट आ गया है।

दरअसल, पूरा मामला कथित जमीन घोटाले और भू-माफियाओं को संरक्षण देने के संगीन इल्ज़ाम से जुड़ा है। आरोप है कि सत्ता और रसूख के दम पर जमीनों का खेल खेला गया, जिसमें कागजों की बाजीगरी और दबंगई का इस्तेमाल हुआ। इसी मामले में गोपालगंज के एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट ने विधायक, उनके भाई सतीश पांडेय और सीए राहुल तिवारी के खिलाफ वारंट जारी किया था, जिसके बाद पुलिस ने एक्शन मोड में आते हुए ताबड़तोड़ रेड शुरू कर दी। कुचायकोट जदयू विधायक अमरेंद्र कुमार पाण्डेय उर्फ पप्पू पाण्डेय एवं उनके CA राहुल तिवारी को कोर्ट से  बड़ी राहत मिल गई है। कोर्ट ने विधायक एवं CA के गिरफ्तारी पर फिलहाल  रोक लगा दिया है।

बता दें 14 अप्रैल की सुबह पुलिस ने गोपालगंज से लेकर पटना और वाराणसी तक कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। करीब पांच घंटे तक चली इस ऑपरेशन में पुलिस ने हर संभावित ठिकाने को खंगाला, लेकिन हाथ लगी सिर्फ मायूसी। सूत्रों के मुताबिक, तीनों आरोपी पहले ही अंडरग्राउंड हो चुके थे और पुलिस को चकमा देने में कामयाब रहे। गोपालगंज के पुलिस अधीक्षक विनय तिवारी ने बताया कि टीमों को अलग-अलग शहरों में भेजा गया था। सीए राहुल तिवारी की गिरफ्तारी के लिए एक स्पेशल टीम गुरुग्राम तक रवाना की गई, लेकिन वहां भी कोई ठोस सफलता नहीं मिली। इस बीच कोर्ट से मिली राहत ने आरोपियों को बड़ी सांस दे दी है।

अब इस पूरे मामले में कई कड़क सवाल खड़े हो रहे हैं। क्या ये सिर्फ जमीन घोटाले का मामला है या फिर इसके पीछे कोई बड़ा सिंडिकेट काम कर रहा है? फिलहाल, गोपालगंज का ये जमीन घोटाला केस सियासत, कानून और क्राइम के त्रिकोण में फंस गया है। एक तरफ पुलिस की सख्ती, दूसरी तरफ कोर्ट की राहत, और बीच में आरोपों का जाल देखना दिलचस्प होगा कि आगे ये हाई-वोल्टेज ड्रामा किस मोड़ पर जाकर खत्म होता है।

रिपोर्ट- नमोनारायण मिश्रा