गोपालगंज के डुमरिया घाट को पर्यटन केंद्र बनाने की कवायद तेज, शिक्षा मंत्री ने किया स्थलीय निरीक्षण

गोपालगंज के डुमरिया घाट को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में प्रशासनिक गतिविधियां काफी तेज हो गई हैं। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने स्थलीय निरीक्षण किया और कई विकास योजनाओं की समीक्षा की...

शिक्षा मंत्री ने डुमरिया घाट का किया स्थलीय निरीक्षण- फोटो : नमो नारायण मिश्रा

Gopalganj : जिले के ऐतिहासिक डुमरिया घाट को पर्यटन के एक बड़े और आधुनिक केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में प्रशासनिक गतिविधियां काफी तेज हो गई हैं। इसी सिलसिले में बिहार सरकार के शिक्षा मंत्री सह बैकुंठपुर विधायक मिथिलेश तिवारी ने नारायणी रिवर फ्रंट पर चल रही और प्रस्तावित विकास योजनाओं का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उनके साथ जिला पदाधिकारी और जिला प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी भी प्रमुख रूप से मौजूद रहे।


कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं और विकास कार्यों का लिया जायजा

निरीक्षण के दौरान शिक्षा मंत्री ने प्रस्तावित विद्युत शवदाह गृह, निर्माणाधीन मल्टीपर्पस सामुदायिक भवन, नक्षत्र वाटिका, नवग्रह वाटिका और मोक्ष वाटिका जैसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स का बारीकी से जायजा लिया। इसके अलावा उन्होंने वाटर पार्क, नारायणी नदी की सुरक्षा के लिए प्रस्तावित प्रोटेक्शन वॉल और नारायणी एक्सप्रेस-वे समेत अन्य विकास योजनाओं की प्रगति की भी विस्तार से समीक्षा की।


गुणवत्ता के साथ समय-सीमा के भीतर काम पूरा करने के कड़े निर्देश

मंत्री मिथिलेश तिवारी ने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी निर्माण कार्यों को उच्च गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार की इन महत्वाकांक्षी योजनाओं का मुख्य उद्देश्य डुमरिया घाट को धार्मिक आस्था, पर्यटन, पर्यावरण संरक्षण और आधुनिक सुविधाओं से लैस एक भव्य केंद्र के रूप में स्थापित करना है।


राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर उभरेगी पहचान, रोजगार के खुलेंगे नए रास्ते

इन परियोजनाओं के धरातल पर उतरने से न सिर्फ डुमरिया घाट की पहचान राष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर मजबूती से उभरेगी, बल्कि बैकुंठपुर और पूरे गोपालगंज जिले में आर्थिक गतिविधियों को भी एक नया विस्तार मिलेगा। पर्यटन क्षेत्र के विकास से स्थानीय स्तर पर व्यापार बढ़ेगा और युवाओं के लिए रोजगार व स्वरोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।


धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व के साथ क्षेत्र के विकास को गति

सरकार की इस महत्वाकांक्षी पहल से स्थानीय लोगों में भारी उत्साह देखा जा रहा है। प्रशासन की सक्रियता और जनप्रतिनिधियों की निगरानी से यह साफ है कि सरकार इस क्षेत्र को धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन के लिहाज से एक आदर्श स्थल बनाने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है, जिससे आने वाले समय में इस पूरे इलाके की सूरत बदलेगी।


नमो नारायण मिश्रा की रिपोर्ट