Bihar Flood: बाढ़ से बिहार के 17 जिलों में हाहाकार, गोपालगंज-सारण में टूटे तटबंध, कई गांवों पर बाढ़ का खतरा, निचले इलाकों में घुसा पानी

Bihar Flood: बिहार में गंडक नदी का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। गंगा के भी खतरे के निशान से ऊपर बहने के कारण गंडक के तटबंधों पर लगातार दबाव बना हुआ है। ...

Bihar Flood:  बिहार में गंडक नदी का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। अत्यधिक जलस्राव और गंगा के भी खतरे के निशान से ऊपर बहने के कारण गंडक के तटबंधों पर लगातार दबाव बना हुआ है। इसी बीच बुधवार को गोपालगंज और सारण जिले में तटबंध क्षतिग्रस्त होने से हड़कंप मच गया। कई निचले इलाकों में पानी फैलने और गांवों का संपर्क भंग होने का खतरा मंडरा रहा है।जल संसाधन विभाग के मुताबिक, गंडक के तटबंधों पर कई स्थानों पर सीपेज और पाइपिंग की स्थिति बनी हुई है। फ्लड फाइटिंग के जरिए दिन-रात स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की जा रही है। इसी क्रम में दोनों जिलों में तटबंध के क्षतिग्रस्त होने की सूचना सामने आई है।

गोपालगंज में करीब 6 मीटर तक तटबंध टूटा

गोपालगंज के बैकुण्ठपुर प्रखंड के शीतलपुर गांव में गंडक नदी के दायें मुख्य तटबंध के अंदर नदी की ओर स्थित बंधौली-शीतलपुर-फैजुल्लाहपुर (BSF) जमींदारी बांध करीब 6 मीटर में टूट गया।तटबंध में हुए इस धंसान के कारण बैकुण्ठपुर प्रखंड के परसौनी, शीतलपुर और पकहां गांवों के निचले इलाकों में पानी फैलने की आशंका है। इन इलाकों में आवागमन और संपर्क व्यवस्था भी प्रभावित होने की संभावना जताई गई है। हालांकि, जल संसाधन विभाग के अनुसार सारण मुख्य तटबंध फिलहाल सुरक्षित है।

सारण में 8 मीटर का धंसान, बाढ़ निरोधक फाटक भी क्षतिग्रस्त

सारण जिले के मकेर प्रखंड के हैजलपुर गांव में गंडक नदी के दायें सारण तटबंध के करीब 46.50 किलोमीटर पर अचानक लगभग 8 मीटर में धंसान हो गया। इसके अलावा किलोमीटर 45 पर बना बाढ़ निरोधक फाटक  भी क्षतिग्रस्त बताया गया है।इस वजह से पानी कंट्री साइड की ओर फैल रहा है। विभाग के अनुसार हैजलपुर, परमानंद छपरा और नौकरहा गांवों के निचले इलाकों में पानी फैलने और संपर्क भंग होने की आशंका है। प्रशासन ने संबंधित क्षेत्रों के लोगों को अलर्ट कर दिया है।

बाघाकोल में भी तटबंध टूटा, गांवों की ओर बढ़ रहा पानी

स्थानीय जानकारी के मुताबिक, मकेर के बाघाकोल गांव के पास बुधवार सुबह मुख्य सारण तटबंध में करीब 10 फीट का टूटाव हुआ। इसके बाद प्रशासन और जल संसाधन विभाग की टीमें मरम्मत कार्य में जुट गई हैं। बाघाकोल और आसपास के निचले इलाकों की ओर पानी बढ़ने की सूचना है।सारण के तरैया, पानापुर, परसा और मकेर में एक बार फिर बाढ़ जैसे हालात बनने लगे हैं। छपरा के आसपास सरयू (घाघरा) नदी के किनारे बसे गांवों की ओर भी पानी तेजी से बढ़ने की बात सामने आ रही है।

दिन-रात फ्लड फाइटिंग, प्रशासन अलर्ट

तटबंधों पर बढ़ते दबाव को देखते हुए जल संसाधन विभाग, आपदा प्रबंधन विभाग और गोपालगंज-सारण जिला प्रशासन की टीमें मौके पर कार्रवाई में जुटी हैं। प्रभावित इलाकों में निगरानी बढ़ाई गई है और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।गंडक के बढ़ते जलस्तर और तटबंधों पर लगातार दबाव के बीच प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती निचले इलाकों में पानी के फैलाव को रोकना और कमजोर हिस्सों को तत्काल मजबूत करना है।