गोपालगंज में बढ़ी राजनीतिक तपिश: पूर्व आरजेडी विधायक प्रेम शंकर यादव को कोर्ट का समन, मंत्री मिथिलेश तिवारी के मानहानि केस में एक्शन
Gopalganj : बिहार के गोपालगंज जिले से इस वक्त की एक बड़ी और हाई-प्रोफाइल राजनीतिक खबर सामने आ रही है, जहां बैकुंठपुर विधानसभा क्षेत्र के पूर्व आरजेडी (राष्ट्रीय जनता दल) विधायक प्रेम शंकर यादव की कानूनी मुश्किलें आने वाले दिनों में काफी बढ़ती नजर आ रही हैं। गोपालगंज व्यवहार न्यायालय (सिविल कोर्ट) की एसीजेएम-1 (ACJM-1) अदालत ने एक पुराने मानहानि के मामले में सख्त रुख अपनाते हुए पूर्व विधायक को अदालत में व्यक्तिगत रूप से सशरीर पेश होने का कड़ा समन जारी किया है। कोर्ट के इस आदेश के बाद गोपालगंज से लेकर पटना तक के सियासी गलियारों में भारी हलचल मच गई है।
साल 2022 का है मामला, रिवर फ्रंट निर्माण में कमीशनखोरी के लगाए थे संगीन आरोप
अदालती सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरा विवाद वर्ष 2022 में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर दिए गए एक बेहद विवादित और तीखे बयान से जुड़ा हुआ है। आरोप है कि उस समय बैकुंठपुर के तत्कालीन विधायक प्रेम शंकर यादव ने वर्तमान सूबे के मंत्री मिथिलेश तिवारी के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए 'नारायणी रिवर फ्रंट' निर्माण कार्य में भारी कमीशन लेने सहित कई अन्य गंभीर और आपत्तिजनक आरोप लगाए थे। इसके साथ ही उन पर सोशल मीडिया के माध्यम से समाज में जातीय विद्वेष और तनाव फैलाने के भी संगीन आरोप मढ़े गए थे, जिसे लेकर काफी विवाद हुआ था।
छवि धूमिल करने के खिलाफ मिथिलेश तिवारी ने खटखटाया था अदालत का दरवाजा
इन सार्वजनिक आरोपों को पूरी तरह निराधार, मनगढ़ंत और समाज में अपनी राजनीतिक व सामाजिक छवि को जानबूझकर धूमिल करने वाला बताते हुए सूबे के मौजूदा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने गोपालगंज व्यवहार न्यायालय में पूर्व विधायक के खिलाफ मानहानि का एक परिवाद (मुकदमा) दायर किया था। इस मामले पर लंबी सुनवाई और दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद एसीजेएम-1 की माननीय अदालत ने मामले को प्रथम दृष्टया सही पाया और भारतीय दंड विधान (IPC) की धारा 500 (मानहानि) के तहत मामले पर आधिकारिक संज्ञान लेते हुए आरोपी प्रेम शंकर यादव को समन जारी कर हाजिर होने का आदेश सुना दिया।
कोर्ट की सख्ती के बाद आरजेडी खेमे में मची खलबली, वकीलों की टीम तैयारी में जुटी
समन जारी होने के बाद मंत्री मिथिलेश तिवारी के पक्ष के वरिष्ठ अधिवक्ता राजेश पाठक ने मीडिया को विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि माननीय अदालत ने पूरे मामले के साक्ष्यों और सोशल मीडिया के बयानों को अत्यंत गंभीर माना है। इसी के आधार पर पूर्व विधायक के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया शुरू करते हुए उपस्थिति का समन जारी किया गया है। दूसरी तरफ, कोर्ट के इस कड़े रुख और समन की खबर मिलते ही आरजेडी खेमे में खलबली मची हुई है। पूर्व विधायक के करीबी और कानूनी सलाहकार अब कोर्ट में बेल (जमानत) और अपना पक्ष मजबूती से रखने के लिए कानूनी दांव-पेंच और दस्तावेजों को दुरुस्त करने की तैयारियों में जुट गए हैं।
बिहार की राजनीति में मचेगा नया घमासान, आने वाले दिनों में और गरमाएगा मुद्दा
गोपालगंज और बैकुंठपुर की राजनीति में प्रेम शंकर यादव और मिथिलेश तिवारी की प्रतिद्वंद्विता जगजाहिर रही है। अब इस पुराने मामले में सीधे अदालत द्वारा संज्ञान लिए जाने और समन जारी होने के बाद जिला स्तर पर राजनीतिक जंग और तेज होना तय माना जा रहा है। आने वाले दिनों में यह मामला और ज्यादा राजनीतिक तूल पकड़ेगा, क्योंकि दोनों ही नेता अपने-अपने दलों के कद्दावर चेहरे हैं। स्थानीय जनता की निगाहें भी अब इस बात पर टिकी हैं कि पूर्व विधायक कोर्ट में पेश होकर क्या दलील देते हैं और इस कानूनी लड़ाई का क्षेत्र की राजनीति पर क्या दूरगामी असर पड़ता है।
नमो नारायण मिश्रा की रिपोर्ट