NEET UG 2026 Result: झाझा की सृष्टि राज ने तीसरे प्रयास में क्रैक किया नीट, 577 अंक लाकर क्षेत्र का नाम किया रोशन

NEET UG 2026 Result:झाझा की सृष्टि राज ने क्रैक किया नीट,577 अंक लाकर क्षेत्र का नाम किया रोशन,पिता की बीमारी और दिक्कतों के बावजूद टेलवा बाजार की होनहार सृष्टि राज ने तीसरे प्रयास को अंतिम मानकर की तैयारी। अब देश के सरकारी मेडिकल कॉलेज में पढ़ेगी

झाझा की सृष्टि राज ने तीसरे प्रयास में क्रैक किया नीट- फोटो : Reporter

जमुई जिले के झाझा प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत टेलवा बाजार की बेटी सृष्टि राज ने राष्ट्रीय स्तर की मेडिकल प्रवेश परीक्षा 'नीट' (NEET-UG 2026) में शानदार सफलता हासिल की है। सृष्टि ने इस कठिन परीक्षा में 577 अंक प्राप्त कर न केवल अपने माता-पिता, बल्कि पूरे क्षेत्र का मान बढ़ाया है। उनकी इस गौरवमयी उपलब्धि से पूरे इलाके में खुशी की लहर है। इस मौके पर जिले के युवा समाजसेवी सुरेश यादव ने सृष्टि के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए इसे पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का क्षण बताया है।


मेधावी छात्र का रिकॉर्ड: स्कूल टॉपर रहने के बाद चुनी मेडिकल की राह

सृष्टि राज टेलवा बाजार निवासी राजदेव प्रसाद और रूबी देवी की होनहार पुत्री हैं। उनकी प्रारंभिक शिक्षा से लेकर 10वीं और 12वीं तक की पढ़ाई स्थानीय +2 हाई स्कूल, टेलवा बाजार से पूरी हुई है। वे शुरू से ही पढ़ाई में काफी तेज रही हैं और दोनों ही बोर्ड परीक्षाओं में 85 प्रतिशत अंक लाकर उन्होंने अपने विद्यालय में प्रथम स्थान (स्कूल टॉपर) हासिल किया था। इसी मेधा के दम पर उन्होंने आगे चलकर चिकित्सा के क्षेत्र में करियर बनाने का फैसला किया।


संघर्षों से भरी रही राह: शुरुआती दो असफलताओं के बाद भी नहीं मानी हार

सृष्टि के लिए यह ऐतिहासिक सफलता हासिल करना बिल्कुल भी आसान नहीं था। उन्हें अपने पहले दो प्रयासों में असफलता का सामना करना पड़ा था। इस कठिन दौर में उनके पिता की स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याएं और खुद के अनुशासन में थोड़ी कमी के कारण वे पढ़ाई पर पूरी तरह फोकस नहीं कर पा रही थीं। इसके बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी, अपनी कमियों को सुधारा और दोगुनी ताकत के साथ अपने लक्ष्य की ओर निरंतर प्रयास जारी रखा।


पटना में पढ़ाई के साथ जारी रखी जंग: तीसरे प्रयास को बनाया अंतिम अवसर

अपने तीसरे प्रयास के दौरान सृष्टि ने राजकीय आयुर्वेद कॉलेज, पटना में दाखिला लिया था। कॉलेज की नियमित पढ़ाई के साथ-साथ उन्होंने नीट 2026 को अपना अंतिम और निर्णायक अवसर मानकर पूरी लगन, कड़े अनुशासन और ईमानदारी के साथ तैयारी शुरू की। लगातार की गई कड़ी मेहनत, अटूट आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प के बल पर आखिरकार उन्होंने तीसरे प्रयास में एक सम्मानजनक स्कोर खड़ा कर अपनी मंजिल पा ली।


डॉक्टर बनकर सेवा का संकल्प: सफलता का श्रेय माता-पिता और शिक्षकों को दिया

सृष्टि ने अपनी इस उल्लेखनीय उपलब्धि का पूरा श्रेय अपने माता-पिता, गुरुजनों और अपने अटूट संकल्प को दिया है। उन्होंने भरोसा जताया कि इन अंकों के आधार पर उन्हें देश या राज्य का एक बेहतर सरकारी मेडिकल कॉलेज आवंटित होगा, जिससे उनका डॉक्टर बनने का सपना पूरा होगा। उन्होंने कहा कि भविष्य में वे एक संवेदनशील और योग्य डॉक्टर बनकर समाज के जरूरतमंद लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करेंगी।

ज़मुई से सुमित सिंह की रिपोर्ट