Jamui News: अवैध क्लीनिकों पर प्रशासन का चाबुक,डॉ. शालिनी के बाद अब SDM की छापेमारी के बाद GP पॉलिक्लिनिक सील

सदर अस्पताल में दो प्रसूताओं की मौत के बाद जिला प्रशासन ने अवैध क्लीनिकों के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है। नीमा स्थित 'GP पॉलिक्लिनिक' को SDM सौरभ कुमार की टीम ने सील कर दिया, जो बिना किसी योग्य डॉक्टर और रजिस्ट्रेशन के चलाया जा रहा था।

मुई में प्रसूता मौत कांड के बाद प्रशासन का कड़ा एक्शन GP पॉलिक्लिनिक सील - फोटो : Reporter

जमुई सदर अस्पताल में दो प्रसूताओं की मौत की गंभीर घटना के बाद जिला प्रशासन पूरी तरह सख्त रुख अपनाए हुए है। इस दुखद हादसे के बाद प्रशासन ने शहर में चल रहे अवैध और मानकहीन निजी क्लीनिकों के खिलाफ व्यापक जांच अभियान शुरू कर दिया है। जिलाधिकारी के कड़े निर्देशों के बाद प्रशासनिक टीम लगातार ऐसे स्वास्थ्य केंद्रों पर छापेमारी कर रही है, जहां मरीजों की जान के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।


नीमा स्थित GP पॉलिक्लिनिक पर पड़ा छापा, किया गया सील

इसी कड़ी में आज प्रशासनिक टीम ने नीमा क्षेत्र में स्थित 'GP पॉलिक्लिनिक' पर अचानक छापेमारी की। इस कार्रवाई की अगुवाई जमुई के SDM सौरभ कुमार, अंचलाधिकारी (CO) और प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) की संयुक्त टीम कर रही थी। छापेमारी के दौरान पुलिस बल की तैनाती भी रही ताकि जांच प्रक्रिया में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो।


बिना योग्य डॉक्टर और रजिस्ट्रेशन के चल रहा था क्लीनिक

जांच दल की पड़ताल में क्लीनिक की कई चौंकाने वाली अनियमितताएं उजागर हुईं। यह पाया गया कि पॉलिक्लिनिक बिना किसी योग्य डॉक्टर के ही धड़ल्ले से संचालित किया जा रहा था। इसके अलावा, अस्पताल के पास न तो कोई वैध रजिस्ट्रेशन था और न ही अग्निशमन या अन्य सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था। गंभीर खामियों को देखते हुए SDM के निर्देश पर क्लीनिक को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया।


चार मरीज सदर अस्पताल शिफ्ट, डॉ. शालिनी के क्लीनिक पर भी लग चुका है ताला

कार्रवाई के वक्त जीपी पॉलिक्लिनिक में चार मरीज भर्ती थे, जिन्हें तत्काल एम्बुलेंस की मदद से बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल में शिफ्ट कराया गया। उल्लेखनीय है कि इससे एक दिन पहले ही प्रसूता मौत कांड से सीधे तौर पर जुड़े डॉ. शालिनी सिंह के निजी क्लीनिक 'मातृत्व सेवा सदन' को भी प्रशासन ने सील कर दिया था। दो दिनों में दो बड़े क्लीनिकों पर हुई इस कार्रवाई से अवैध नर्सिंग होम संचालकों में हड़कंप मच गया है।


कार्रवाई के विरोध में उतरा IMA, हड़ताल की आहट से बढ़ी चिंता

प्रशासन की इस ताबड़तोड़ कार्रवाई के बाद इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) ने भी कड़ा रुख अपनाया है। देर शाम आयोजित IMA की आपात बैठक में प्रशासन के रवैये पर नाराजगी जताई गई। एसोसिएशन ने निर्णय लिया है कि वे कल जिलाधिकारी और सिविल सर्जन को ज्ञापन सौंपेंगे। डॉक्टरों के इस तल्ख तेवर के बाद जिले में स्वास्थ्य सेवाओं के ठप होने या डॉक्टरों की हड़ताल पर जाने की आशंका गहरा गई है।


क्या जारी रहेगा अभियान या महज खानापूर्ति बनकर रह जाएगा एक्शन?

जिला प्रशासन की इस कार्रवाई की आम जनता काफी सराहना कर रही है, लेकिन इसके साथ ही कई गंभीर सवाल भी खड़े हो रहे हैं। जमुई जिले में दर्जनों की संख्या में ऐसे फर्जी और बिना रजिस्ट्रेशन वाले नर्सिंग होम फल-फूल रहे हैं। अब देखना यह होगा कि क्या जिला प्रशासन का यह अभियान फर्जी डॉक्टरों व अवैध क्लीनिकों के पूरी तरह खातमे तक जारी रहेगा या फिर कुछ दिनों के बाद यह महज कागजी खानापूर्ति बनकर थम जाएगा।

जमुई से सुमित सिंह की रिपोर्ट