Bihar Fake Jamabandi: फर्जी जमाबंदी का सनसनीखेज खेल का हुआ खुलासा, रजिस्टर-2 में नंबर गायब, 5 लाख के लेन-देन का आरोप

फर्जी जमाबंदी का सनसनीखेज खेल - फोटो : reporter

Bihar Fake Jamabandi: मौजा उजंडी में  फर्जी जमाबंदी कायम किए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। जमुई सदर अंचल कार्यालय के अंतर्गत मौजा उजंडी में  फर्जी जमाबंदी कायम किए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। जमुई निवासी संजीव कुमार सिंह ने सदर अंचलाधिकारी सौरभ कुमार और एक राजस्व कर्मचारी पर पद के कथित दुरुपयोग और भ्रष्टाचार का गंभीर आरोप लगाते हुए जिलाधिकारी से उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।

शिकायतकर्ता के मुताबिक, मौजा उजंडी स्थित उनकी पुश्तैनी जमीन खाता संख्या 234, खेसरा संख्या 709, रकबा 26 डिसमिल तथा खाता संख्या 236, खेसरा संख्या 710 से संबंधित है। आरोप है कि इस जमीन का परिमार्जन प्लस के जरिए बिना रजिस्टर-2 के वैध आधार के जमाबंदी कायम कर दी गई। संजीव सिंह का कहना है कि उनके पूर्वजों के नाम वर्षों से जमाबंदी कायम थी और जमीन की रसीद भी कटती आ रही थी। वहीं खेसरा संख्या 709 का ऑनलाइन रिकॉर्ड वर्तमान में दिखाई नहीं दे रहा है।

शिकायत में सबसे गंभीर आरोप जमाबंदी संख्या 403 को लेकर लगाया गया है। संजीव सिंह के अनुसार रजिस्टर-2 में जमाबंदी संख्या 399, 400, 401 और 402 के बाद सीधे 404 और 405 दर्ज हैं। यानी 403 नंबर का कोई रिकॉर्ड नहीं है। इसके बावजूद आरोप है कि जमाबंदी संख्या 403 नत्थू मांझी के नाम से सृजित कर दी गई। शिकायतकर्ता का दावा है कि नत्थू मांझी के पास जमीन की रसीद या अन्य वैध दस्तावेज भी नहीं हैं।

मामले में शिकायतकर्ता ने 5 लाख रुपये के कथित लेन-देन का भी आरोप लगाया है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। उन्होंने 1970-71 के रिराइट रिकॉर्ड और विभागीय पत्रांक 19(9), दिनांक 03 जनवरी 2018 का हवाला देते हुए जमाबंदी सृजन की प्रक्रिया पर सवाल उठाया है।

संजीव सिंह ने जिलाधिकारी से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, कथित जमाबंदी संख्या 403 को रद्द करने और दोषी पाए जाने वाले अधिकारी-कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

सुमित सिंह की रिपोर्ट