Siddhanath Temple Jehanabad: सावन के पहले सोमवार पर बाबा सिद्धनाथ मंदिर में भारी भीड़, प्रशासन मुस्तैद

सावन की पहली सोमवारी पर जहानाबाद के बराबर स्थित बाबा सिद्धनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा। डीएम छिरिंग वाई भूटिया और एसपी कोटा किरण कुमार,एएसपी मनोज पांडेय की देखरेख में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए।

बराबर के सिद्धनाथ मंदिर में उमड़ा भक्ति का सैलाब, कड़े सुरक्षा इंतजाम- फोटो : Reporter

सावन माह की पहली सोमवारी के अवसर पर जहानाबाद स्थित प्रसिद्ध बराबर की पहाड़ियों पर विराजमान बाबा सिद्धनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं का भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा। अलसुबह से ही हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारों के साथ हजारों की संख्या में शिवभक्तों ने भगवान शिव का जलाभिषेक किया। दूर-दराज क्षेत्रों से आए कांवड़ियों और श्रद्धालुओं की लंबी कतारें मंदिर परिसर से लेकर पहाड़ी के निचले हिस्सों तक दिखाई दीं, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।


प्रशासनिक अधिकारियों ने संभाला मोर्चा

भीड़ और सुरक्षा व्यवस्था को सुगम बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नज़र आया। जिला पदाधिकारी छिरिंग वाई भूटिया और पुलिस अधीक्षक कोटा किरण कुमार खुद क्षेत्र का जायजा लेते दिखे। अधिकारियों ने मंदिर प्रांगण, मुख्य गर्भगृह और संवेदनशील मार्गों पर पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण किया, ताकि श्रद्धालुओं को जलाभिषेक और पूजा-अर्चना के दौरान किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

ASP मनोज पांडेय की निगरानी में पुख्ता सुरक्षा प्रबंध

सुरक्षा एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए एएसपी (ASP) मनोज पांडेय की निगरानी में पूरे मंदिर परिसर और आसपास के रास्तों पर व्यापक पुलिस बल तैनात किया गया। पहाड़ी रास्तों, मुख्य प्रवेश द्वारों और निकास मार्गों पर पुलिस कर्मियों एवं दंडाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गई। संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी नज़र रखने के लिए रणनीतिक स्थानों पर अतिरिक्त सुरक्षा बलों को तैनात किया गया है।


भीड़ नियंत्रण और सुगम दर्शन के लिए विशेष व्यवस्था

श्रद्धालुओं की अत्यधिक संख्या को देखते हुए प्रशासन द्वारा भीड़ प्रबंधन का विशेष प्लान लागू किया गया है। मंदिर परिसर और मार्गों पर श्रद्धालुओं को एक जगह एकत्र होने से रोकने के लिए एकतरफा मार्ग (वन-वे सिस्टम) और बैरिकेडिंग की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही, कतारबद्ध तरीके से तेजी से दर्शन कराने के इंतज़ाम किए गए हैं ताकि श्रद्धालुओं का प्रवाह बना रहे और अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।

ऋषिकेश की रिपोर्ट