खेल के मैदान में 'खूनी रंजिश': कैमूर में पुनीत तिवारी को गोली मारने वाले गोलू और राहुल गिरफ्तार, 2024 का बदला!
भभुआ थाना क्षेत्र के कूड़ासन गांव में क्रिकेट खेलने के दौरान युवक पुनीत तिवारी को गोली मारने के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपियों गुल्लू तिवारी और राहुल तिवारी को गिरफ्तार कर लिया है।एक कट्टा, एक पिस्टल और 3 खोखे भी बरामद।
बिहार के कैमूर जिले से एक बड़ी सफलता सामने आई है, जहां भभुआ थाना पुलिस ने कूड़ासन गांव में क्रिकेट खेलने के दौरान हुई सनसनीखेज गोलीबारी मामले का महज 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। भभुआ के एसडीपीओ (SDPO) ओम प्रकाश ने प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि 9 जुलाई की शाम करीब 5:30 बजे पुलिस को सूचना मिली थी कि एक युवक को गोली मार दी गई है। घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए कैमूर के पुलिस अधीक्षक (SP) शिखर चौधरी के निर्देश पर तुरंत एक विशेष छापेमारी दल का गठन किया गया और त्वरित कार्रवाई शुरू की गई।
आरोपियों की गिरफ्तारी: दो नामजद सगे-संबंधी दबोचे गए, हथियार भी जब्त
पुलिस और डीआईयू (DIU) की टीम ने तकनीकी अनुसंधान और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर सघन छापेमारी करते हुए घटना के दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान भभुआ थाना क्षेत्र के उफरवलिया गांव निवासी गुल्लू तिवारी उर्फ गोलू (पिता रजनीकांत तिवारी) और राहुल तिवारी उर्फ मिथिलेश तिवारी (पिता जमुना तिवारी) के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके पास से घटना में इस्तेमाल किया गया एक अवैध देसी कट्टा, एक अवैध पिस्टल और मौके से मिले 3 खोखे भी बरामद कर जब्त कर लिए हैं।
पुरानी अदावत: क्रिकेट तो सिर्फ बहाना था, असली वजह जमीनी विवाद
पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह बात साफ तौर पर सामने आई है कि यह वारदात केवल खेल के मैदान के किसी तात्कालिक विवाद का हिस्सा नहीं थी, बल्कि इसके पीछे दोनों पक्षों के बीच लंबे समय से चला आ रहा पुराना जमीनी विवाद है। डीएसपी ने खुलासा किया कि साल 2024 में वर्तमान में घायल युवक पुनीत तिवारी ने ही आरोपी गुल्लू तिवारी और उसके परिजनों पर फायरिंग की थी, जिसके बाद पुनीत पर भी कानूनी केस दर्ज हुआ था। इसी पुरानी रंजिश और बदले की भावना से ओत-प्रोत होकर इस बार गुल्लू तिवारी ने पुनीत पर कई राउंड गोलियां चला दीं।
घायल की स्थिति: बनारस के हायर सेंटर में चल रहा है इलाज
इस हिंसक हमले में पुनीत तिवारी गंभीर रूप से घायल हो गया था। घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों की मदद से उसे इलाज के लिए भभुआ के सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी नाजुक हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने बेहतर इलाज के लिए उसे तुरंत वाराणसी (बनारस) के हायर मेडिकल सेंटर रेफर कर दिया। इस मामले में पीड़ित युवक के पिता विनायक तिवारी ने भभुआ थाने में दोनों आरोपियों के खिलाफ नामजद एफआईआर (FIR) दर्ज कराई थी।
जेल भेजने की तैयारी: अपराधियों के इतिहास की खंगाली जा रही है कुंडली
गिरफ्तारी के बाद पुलिस प्रशासन का शिकंजा इन आरोपियों पर पूरी तरह कस चुका है। एसडीपीओ ओम प्रकाश के मुताबिक, आवश्यक कागजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद दोनों आरोपियों को कड़ी सुरक्षा के बीच न्यायिक हिरासत में जेल भेजा जा रहा है। इसके साथ ही, इलाके में शांति व्यवस्था बनाए रखने और इन अपराधियों पर सख्त कानूनी धाराएं लगाने के उद्देश्य से पुलिस इनके पुराने आपराधिक इतिहास (Criminal History) को भी गहराई से खंगाल रही है ताकि इन्हें कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जा सके।
रिपोर्ट - देवव्रत तिवारी