Bihar News : बिहार में एंबुलेंस न मिलने से प्रसूता की हुई मौत, टेंपो से अस्पताल ले जाने के दौरान तोड़ा दम, परिजनों ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठाए सवाल
KAIMUR : स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही और एंबुलेंस की अनुपलब्धता के कारण एक और प्रसूता की जान चली गई। मामला मोहनिया थाना क्षेत्र के उसरी गांव का है, जहां सुनील कुमार की पत्नी कुसुम कुमारी ने प्रसव के बाद इलाज के अभाव में दम तोड़ दिया। सोमवार और मंगलवार की दरम्यानी रात हुई इस घटना के बाद मृतक के परिजनों में भारी आक्रोश है। परिजनों का आरोप है कि समय पर एंबुलेंस नहीं मिलने के कारण उन्हें मजबूरी में मरीज को टेंपो से ले जाना पड़ा, जिसके चलते रास्ते में ही उसकी मृत्यु हो गई।
घटना के संबंध में बताया गया कि कुसुम कुमारी का प्रसव सुरक्षित हुआ था, लेकिन कुछ ही देर बाद अचानक अत्यधिक रक्तस्राव (ब्लीडिंग) होने लगा। हालत बिगड़ती देख डॉक्टरों ने उसे बेहतर इलाज के लिए रेफर कर दिया। मृतका के पति सुनील कुमार का कहना है कि उन्होंने अस्पताल प्रबंधन से बार-बार एंबुलेंस की गुहार लगाई, लेकिन उन्हें एंबुलेंस मुहैया नहीं कराई गई। कीमती समय बर्बाद होता देख वे मरीज को टेंपो से लेकर निकले, लेकिन अस्पताल पहुँचने से पहले ही कुसुम ने दम तोड़ दिया।
इस मामले में अस्पताल प्रशासन का पक्ष थोड़ा अलग है। अनुमंडल अस्पताल की उपाधीक्षक डॉ. विजय कुमार सिंह ने बताया कि प्रसूता को वाराणसी या भभुआ रेफर किया गया था और प्रशासन इसके लिए एंबुलेंस उपलब्ध कराने को तैयार था। हालांकि, उन्होंने दावा किया कि परिजन मरीज को किसी निजी क्लिनिक में ले जाना चाहते थे और उसी के लिए एंबुलेंस की मांग कर रहे थे, जो नियमों के अनुसार संभव नहीं हो सका।
मृतका के पति ने मोहनिया थाने में अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए लिखित आवेदन दिया है। आवेदन में स्वास्थ्य व्यवस्था की खामियों और अस्पताल प्रशासन की संवेदनहीनता को मौत का जिम्मेदार बताया गया है। परिजनों का कहना है कि यदि समय पर सरकारी मदद मिल जाती, तो कुसुम की जान बच सकती थी। घटना के बाद से गांव में मातम का माहौल है और ग्रामीण दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
मोहनिया थाना अध्यक्ष आलोक कुमार ने बताया कि पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है। उन्होंने पुष्टि की कि परिजनों द्वारा शिकायत दर्ज कराई गई है और पुलिस कागजी प्रक्रिया पूरी कर मामले की जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और प्राथमिक जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस प्रशासन अब यह सुनिश्चित करने में जुटा है कि घटना के पीछे की असल वजह और लापरवाही के स्तर का पता लगाया जा सके।
देवब्रत की रिपोर्ट