श्रीराम मंदिर चंदा विवाद पर सत्येंद्र बारी का विपक्ष पर पलटवार, भरत तिवारी एनकाउंटर पर कहे यह बात

यूपी पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य सत्येंद्र बारी ने अयोध्या श्रीराम मंदिर में चंदे और करोड़ों के आभूषण गायब होने के आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है। वहीं भोजपुर के भरत तिवारी एनकाउंटर मामले पर विपक्ष द्वारा उठाए जा रहे सवाल पर कहा कि उनका काम सिर्फ सव

श्रीराम मंदिर चंदा विवाद पर सत्येंद्र बारी का विपक्ष पर पलटवार- फोटो : देवव्रत

Kaimoor : उत्तर प्रदेश पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य सत्येंद्र बारी बिहार के कैमूर पहुंचे, जहां उन्होंने भरत तिवारी एनकाउंटर मामले पर सरकार का रुख स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले की गहन जांच चल रही है और जांच के बाद जो भी दोषी पाया जाएगा, उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। विपक्ष द्वारा उठाए जा रहे सवालों पर पलटवार करते हुए उन्होंने कहा कि विपक्ष का काम सिर्फ सवाल उठाना है, जबकि बिहार सरकार पूरी निष्पक्षता के साथ अपनी कार्रवाई जल्द पूरी करेगी।


राम मंदिर से करोड़ों की चोरी के दावों का खंडन

अयोध्या के श्रीराम मंदिर में चढ़ावे के आभूषण और पैसे (कुल करीब दो करोड़ रुपये) गायब होने के आरोपों पर उत्तर प्रदेश में मचे सियासी घमासान को लेकर भी सत्येंद्र बारी ने अपनी बात रखी। विपक्ष के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए उन्होंने दावा किया कि श्रीराम मंदिर में चढ़ावे के सभी आभूषण और पैसे पूरी तरह सुरक्षित हैं। किसी भी तरह की चोरी नहीं हुई है, हालांकि मामले की जांच चल रही है और जल्द ही पूरी स्थिति का खुलासा सबके सामने हो जाएगा।


आगामी यूपी विधानसभा चुनाव पर असर से इनकार

मीडिया द्वारा यह पूछे जाने पर कि उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव होने वाले हैं और ऐसे में करोड़ों के चढ़ावे के गायब होने के आरोपों का क्या भाजपा पर कोई असर पड़ेगा? इस पर सत्येंद्र बारी ने बेबाकी से कहा कि इसका चुनाव पर कोई असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने दोहराया कि विपक्ष के पास कोई मुद्दा नहीं है, इसलिए वे सिर्फ अनर्गल सवाल उठा रहे हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि आगामी चुनाव में उत्तर प्रदेश में एक बार फिर भारी मतों से भाजपा की सरकार बनेगी।


विपक्ष की घेराबंदी और अखिलेश यादव के सवाल

भले ही भाजपा और उसके नेता इन आरोपों को खारिज करते हुए अपना पल्ला झाड़ रहे हों, लेकिन उत्तर प्रदेश की सियासत के अंदरूनी हलकों में इस मुद्दे ने तूल पकड़ लिया है। समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने चंदे और चढ़ावे को लेकर सरकार पर तीखे सवाल खड़े किए हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि चुनाव से ठीक पहले राम मंदिर जैसे संवेदनशील और आस्था से जुड़े मुद्दे पर विपक्ष की यह घेराबंदी भाजपा के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकती है।


जनता की अदालत में जांच का विषय

मामला चाहे जो भी हो, फिलहाल यह पूरी तरह से जांच का विषय है। लेकिन उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले श्रीराम मंदिर में करोड़ों के आभूषण और पैसे की कथित हेराफेरी का यह मुद्दा जनता के बीच जरूर गूंजेगा। चुनावी रैलियों और जनसभाओं में जनता सरकार से यह सवाल जरूर पूछेगी कि उनके कार्यकाल में इतने कड़े सुरक्षा घेरे के बावजूद ऐसी लापरवाही या विसंगति कैसे सामने आई। इस मुद्दे का असर विधानसभा चुनाव के नतीजों पर पड़ना तय माना जा रहा है।


देवव्रत तिवारी की रिपोर्ट