Katihar News : नशे की शिकायत करने पर 9 साल की मासूम की गला रेतकर हत्या, आरोपी नाबालिग को पुलिस ने हिरासत में लिया

KATIHAR : बिहार के कटिहार जिले से एक ऐसी हृदयविदारक घटना सामने आई है जिसने मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है। जिले के कोलासी थाना क्षेत्र के संदलपुर गांव में एक 13 वर्षीय किशोर ने महज 9 साल की मासूम बच्ची की गला रेतकर बेरहमी से हत्या कर दी। कल से लापता बच्ची का शव खेत में मिलने के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई।

इस हत्याकांड के पीछे की वजह बेहद चौंकाने वाली और विचलित करने वाली है। स्थानीय लोगों और प्राप्त जानकारी के अनुसार, आरोपी 13 वर्षीय बालक 'सोल्यूशन' (डेंड्राइट जैसा नशा) पीने का आदी हो चुका था। वह अक्सर चोरी-छिपे यह नशा किया करता था, जिसकी शिकायत मृतक मासूम बच्ची ने बालक के परिजनों से कर दी थी। शिकायत मिलने पर परिजनों ने बालक की जमकर पिटाई की थी, जिससे वह बच्ची के प्रति अत्यधिक आक्रोशित और प्रतिशोध की भावना से भर गया था।

वारदात को उस वक्त अंजाम दिया गया जब बच्ची अकेले खेत की ओर जा रही थी। पहले से घात लगाए बैठे आरोपी बालक ने गुस्से में आकर धारदार हथियार से बच्ची पर हमला कर दिया और उसका गला रेत कर उसे मौत के घाट उतार दिया। हत्या के बाद आरोपी ने साक्ष्य छिपाने की नीयत से मासूम के शव को खेत में ही फेंक दिया और फरार हो गया। बच्ची के घर न लौटने पर परिजनों ने उसकी काफी तलाश की, लेकिन अगले दिन शव बरामद होने पर उनकी चीख-पुकार से पूरा गांव दहल उठा।

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस सक्रिय हुई और मामले की गंभीरता को देखते हुए त्वरित कार्रवाई शुरू की। महज कुछ ही घंटों के भीतर पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और स्थानीय इनपुट के आधार पर गुत्थी सुलझाते हुए आरोपी बालक को डिटेन (निरुद्ध) कर लिया है। पुलिस पूछताछ में हत्या की वजह वही पुरानी रंजिश और शिकायत की बात सामने आई है। फिलहाल पुलिस मामले के हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है और विधि विरुद्ध कार्य करने के आरोप में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।

यह घटना समाज के लिए एक बड़ा चेतावनी संकेत है कि कैसे कम उम्र के बच्चे नशे की गिरफ्त में आकर अपराधी बन रहे हैं। 'सोल्यूशन' जैसे सस्ते और आसानी से उपलब्ध होने वाले नशे बच्चों के मानसिक संतुलन को बिगाड़ रहे हैं, जिससे उनमें हिंसक प्रवृत्तियां बढ़ रही हैं। आज जरूरत इस बात की है कि अभिभावक और प्रशासन मिलकर नशे के इस अवैध कारोबार और किशोरों के व्यवहार पर सख्त निगरानी रखें, ताकि भविष्य में संदलपुर जैसी किसी और मासूम की जान न जाए।

श्याम की रिपोर्ट