Katihar crime: कटिहार मे बांग्लादेशी कहकर बर्तन फेरीदार से मारपीट और छिनतई, पुलिस जांच में जुटी

Katihar crime: कटिहार के पोठिया थाना क्षेत्र में बर्तन फेरीदार को बांग्लादेशी कहकर बेरहमी से पीटा गया और 12 हजार रुपये छीने गए। इस पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।

बांग्लादेशी कहकर की गई मारपीट- फोटो : social media

Katihar crime: बिहार के सीमांचल क्षेत्र से एक बार फिर सामाजिक सौहार्द को प्रभावित करने वाली घटना सामने आई है। जहां कटिहार के पोठिया थाना क्षेत्र के चकला गांव में एक बर्तन बेचने वाले फेरीदार के साथ मारपीट और लूट की घटना ने इलाके में तनाव का माहौल पैदा कर दिया है। पीड़ित को कथित तौर पर बांग्लादेशी कहकर पहले अपशब्द कहे गए और फिर बेरहमी से पीटा गया।

11 जनवरी की शाम फेरी के दौरान हमला

पीड़ित की पहचान कोढ़ा थाना क्षेत्र के सिमरिया निवासी मो. अकमल हुसैन के रूप में हुई है। उनके अनुसार 11 जनवरी की शाम करीब पांच बजे वह साइकिल से गांव में बर्तन बेच रहे थे। इसी दौरान दो अज्ञात युवक वहां पहुंचे और उनकी पहचान पर सवाल उठाते हुए उन्हें बांग्लादेशी बताकर गाली-गलौज करने लगे।

स्थानीय महिलाओं के विरोध के बाद बढ़ी हिंसा

जब गांव की कुछ महिलाओं ने इस व्यवहार का विरोध किया तो आरोपित और आक्रामक हो गए। आरोप है कि दोनों युवकों ने मो. अकमल हुसैन के साथ मारपीट की और उनके सिर पर बार-बार वार किए, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। हमलावरों ने उनकी शर्ट की जेब में रखी करीब 12 हजार रुपये की नकदी भी छीन ली। घटना के बाद घायल अवस्था में उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है।

पुलिस ने दर्ज किया मामला

घटना की जानकारी मिलते ही पोठिया थाना पुलिस सक्रिय हुई। पुलिस ने पीड़ित के बयान के आधार पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए जांच शुरू कर दी गई है और आसपास के इलाकों में पूछताछ की जा रही है।

अस्पताल पहुंचे कांग्रेस नेता तौकीर आलम

घटना के बाद कांग्रेस नेता तौकीर आलम अस्पताल पहुंचे और घायल से मुलाकात की। उन्होंने पूरी घटना की जानकारी ली और इसे बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया। तौकीर आलम ने कहा कि सीमांचल बांग्ला भाषी आबादी वाला क्षेत्र है और यहां किसी को भाषा या पहचान के आधार पर बांग्लादेशी कहना समाज को बांटने वाला कृत्य है।

प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग

कांग्रेस नेता ने प्रशासन से दोषियों की जल्द पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की मांग की। उनका कहना था कि ऐसी घटनाएं समाज में डर और नफरत का माहौल पैदा करती हैं और इसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए।