कटिहार में भ्रष्टाचार मुक्त विकास के लिए सांसद तारिक अनवर की नई पहल, गठित की कार्यकर्ताओं की निजी निगरानी कमेटी

कटिहार सांसद तारिक अनवर ने जिले में सरकारी योजनाओं में व्याप्त भ्रष्टाचार पर लगाम कसने और विकास कार्यों को पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से एक बड़ी पहल की है.....

सांसद तारिक अनवर की नई पहल- फोटो : श्याम

Katihar :  जिले में सरकारी योजनाओं में व्याप्त भ्रष्टाचार पर लगाम कसने और विकास कार्यों को पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से कटिहार सांसद तारिक अनवर ने एक बड़ी पहल की है। जिला स्तर पर 'दिशा' (जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति) के अध्यक्ष होने के नाते सांसद ने केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं की गहन निगरानी का फैसला लिया है। इसके लिए उन्होंने अपने प्रमुख कार्यकर्ताओं की एक विशेष निजी निगरानी कमेटी का गठन किया है, जो धरातल पर योजनाओं की क्रियान्वयन स्थिति और उनकी गुणवत्ता पर पैनी नजर रखेगी।


96 केंद्रीय और राज्य की योजनाओं पर रहेगी निजी कमेटी की नजर 

सांसद तारिक अनवर ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा संचालित 96 प्रमुख योजनाओं के साथ-साथ राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की निगरानी के लिए अलग-अलग विभागों के अनुसार कार्यकर्ताओं की टीमें बनाई गई हैं। यह निगरानी टीम प्रति माह सरकार द्वारा संचालित योजनाओं के क्रियान्वयन, भ्रष्टाचार मुक्त विकास और अब तक हुए प्रगति कार्यों का ब्योरा एकत्र करेगी। सांसद की यह पहल कटिहार में पारदर्शी और जवाबदेह विकास की दिशा में एक नई और उम्मीद भरी शुरुआत मानी जा रही है।


प्रशांत किशोर और पप्पू यादव के रोजगार मेले की सराहना 

तारिक अनवर ने बिहार में विधायक प्रशांत किशोर और सांसद पप्पू यादव द्वारा निजी स्तर पर युवाओं के लिए आयोजित किए जा रहे 'रोजगार मेला' की सराहना करते हुए दोनों नेताओं को बधाई दी। उन्होंने कहा कि युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करने की दिशा में यह एक बेहद सराहनीय प्रयास है। सांसद ने सरकार से भी मांग की कि केवल निजी प्रयास ही नहीं, बल्कि सरकार को भी राज्य के हर जिले में नियमित रूप से युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार मेलों का आयोजन करते रहना चाहिए।


युवाओं को नौकरी दिलाने में व्यक्तिगत सहयोग का उल्लेख 

निजी स्तर पर रोजगार मेले का आयोजन करने के सवाल पर सांसद तारिक अनवर ने कहा कि उन्होंने स्वयं सार्वजनिक रूप से किसी बड़े रोजगार मेले का आयोजन तो नहीं किया है, लेकिन वे लगातार व्यक्तिगत और निजी प्रयासों के माध्यम से क्षेत्र के युवाओं की मदद करते रहे हैं। उन्होंने अपने स्तर पर कई योग्य युवाओं को बड़ी निजी कंपनियों में रोजगार और नौकरियां दिलवाने में सीधे तौर पर सहयोग और मार्गदर्शन प्रदान किया है।


दिशा अध्यक्ष के रूप में जनता के प्रति प्रतिबद्धता 

सांसद ने स्पष्ट किया कि जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) के अध्यक्ष के रूप में उनकी प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ बिना किसी बिचौलिए या भ्रष्टाचार के सीधे आम जनता तक पहुंचे। कार्यकर्ताओं की यह निगरानी कमेटी क्षेत्र में जाकर आम लोगों की समस्याओं को सुनेगी और विकास योजनाओं में हो रही अनियमितताओं को सीधे सांसद के संज्ञान में लाएगी, ताकि उन पर त्वरित प्रशासनिक कार्रवाई कराई जा सके।


श्याम की रिपोर्ट