एनएच 107 को घेरकर कराया जा रहा था मृत्यु भोज, सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद आयोजक पर प्राथमिकी दर्ज

Bihar News : नेशनल हाइवे पर आवगमन को रोक कर मृत्यु भोज करना आयोजक को अब महंगा पड़ गया है। वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन की ओर से आईपीसी की धारा 35(3) के तहत मामला दर्ज कराया गया है....

बीच सड़क मृत्यु भोज कराना पड़ा महंगा- फोटो : अमित कुमार

Khagaria : जिले से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां नियमों को ताक पर रखकर राष्ट्रीय राजमार्ग (National Highway) पर ही मृत्यु भोज का आयोजन कर दिया गया। महेशखूंट थाना क्षेत्र के अंतर्गत एनएच 107 पर सड़क को पूरी तरह घेरकर लोगों को भोज कराने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो संज्ञान में आने के बाद जिला पुलिस प्रशासन तुरंत हरकत में आया और यातायात बाधित करने तथा आम लोगों की जान जोखिम में डालने के आरोप में आयोजक के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज की है।


सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद हरकत में आया पुलिस महकमा

इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब खगड़िया के पुलिस अधीक्षक (एसपी) राकेश कुमार ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर आधिकारिक जानकारी साझा की। एसपी ने बताया कि 20 मई 2026 को सोशल मीडिया के विभिन्न माध्यमों से महेशखूंट चौक स्थित एनएच 107 का एक वीडियो जिला पुलिस के संज्ञान में आया था। वायरल वीडियो में साफ तौर पर देखा जा सकता था कि व्यस्त रहने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग पर बड़े पैमाने पर सड़क के बीचोबीच लोगों को लाइन से बैठाकर भोजन कराया जा रहा था, जिससे सड़क पर वाहनों का आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो गया था।


जांच में सही पाया गया वीडियो, श्राद्ध कर्म के नाम पर सड़क ब्लॉक करने का आरोप

मामले की संवेदनशीलता और गंभीरता को देखते हुए एसपी के निर्देश पर महेशखूंट थाना पुलिस की एक टीम को तुरंत जांच और आवश्यक कानूनी कार्रवाई के लिए मौके पर भेजा गया। स्थानीय स्तर पर की गई गहन जांच के दौरान पुलिस ने वायरल वीडियो को पूरी तरह सही पाया। पुलिस जांच में यह बात खुलकर सामने आई कि यह वीडियो बीती 14 अप्रैल 2026 की शाम का है, जब महेशखूंट के रहने वाले राजेश चौरसिया की माता के श्राद्ध कर्म के अवसर पर इस मृत्यु भोज का आयोजन सीधे राष्ट्रीय राजमार्ग की जमीन को घेरकर किया गया था।


आम राहगीरों सहित आपातकालीन मरीजों को भी झेलनी पड़ी भारी परेशानी

पुलिस प्रशासन ने इस लापरवाह आयोजन पर सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग जैसी महत्वपूर्ण और व्यस्त सड़क पर इस प्रकार का सार्वजनिक आयोजन करना सीधे तौर पर कानून-व्यवस्था (विधि-व्यवस्था) के लिए बड़ा खतरा उत्पन्न करने जैसा है। इस तरह बीच सड़क पर पंडाल लगाने और भीड़ जुटाने से किसी भी वक्त गंभीर सड़क दुर्घटना होने और जानमाल की बड़ी क्षति होने की पूरी आशंका बनी रहती है। इस आयोजन के कारण उस दौरान वहां से गुजरने वाले आम राहगीरों, स्थानीय लोगों और आपातकालीन स्थिति में जा रहे मरीजों को भारी दिक्कतों और जाम का सामना करना पड़ा था।


भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 35(3) के तहत मामला दर्ज, जांच शुरू

इस मनमानी और लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए महेशखूंट थाने में कांड संख्या 85/26 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने इस संबंध में मुख्य आयोजक और महेशखूंट निवासी विंदेश्वरी चौरसिया के पुत्र राजेश चौरसिया के विरुद्ध भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की सुसंगत धारा 35(3) के तहत नामजद प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सार्वजनिक सड़क को इस तरह अवरुद्ध करना एक गंभीर कानूनी अपराध है और इस मामले में आरोपी के खिलाफ आगे की कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जा रही है।


अमित की रिपोर्ट