श्रीकृष्ण सेतु पर मंडराया खतरा! NH-333B की दीवार में दरार से बढ़ा हादसे का ख़ौफ, बारिश में बह रही नींव की मिट्टी
Bihar Shrikrishna Setu: बिहार में लगातार हो रही बारिश के बीच मुंगेर को खगड़िया से जोड़ने वाले श्रीकृष्ण सेतु की सुरक्षा को लेकर बड़ा खतरा सामने आया है। ...
Bihar Shrikrishna Setu: बिहार में लगातार हो रही बारिश के बीच मुंगेर को खगड़िया से जोड़ने वाले श्रीकृष्ण सेतु की सुरक्षा को लेकर बड़ा खतरा सामने आया है। राष्ट्रीय राजमार्ग NH-333B के एप्रोच पथ पर स्थित रोड अंडर ब्रिज (RUB) की सुरक्षा दीवार (रिटेनिंग वॉल) मुख्य संरचना से अलग होती दिखाई दे रही है। दोनों दीवारों के बीच बनी चौड़ी दरार से बारिश का पानी लगातार भीतर समा रहा है, जिससे एप्रोच पथ की नींव की मिट्टी का तेज़ी से कटाव हो रहा है। इस घटनाक्रम ने हजारों यात्रियों की सलामती पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
यह दरार मुंगेर के सुजाबलपुर स्थित सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज के पास देखी गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि रिटेनिंग वॉल और मुख्य दीवार के बीच स्पष्ट गैप बन चुका है। लगातार बारिश के कारण पानी इस दरार से अंदर जा रहा है और नीचे की मिट्टी बहती जा रही है। विशेषज्ञों के अनुसार यदि समय रहते तकनीकी मरम्मत नहीं हुई तो एप्रोच पथ धंसने, सड़क में बड़ी दरार आने या संरचना को गंभीर नुकसान पहुंचने का खतरा बढ़ सकता है।
एनएच-333बी बिहार का बेहद व्यस्त राष्ट्रीय राजमार्ग है। इसी मार्ग से रोज़ाना हजारों कारें, बसें, ट्रक, एम्बुलेंस और अन्य वाहन गुजरते हैं। ऐसे में एप्रोच पथ की मजबूती में जरा-सी चूक भी किसी बड़े हादसे का सबब बन सकती है। ग्रामीणों और राहगीरों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाते हुए पूरे स्थल की तकनीकी जांच और स्थायी मरम्मत की मांग की है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए मुंगेर के जिलाधिकारी निखिल धनराज ने संज्ञान लिया है। उन्होंने बताया कि सुरक्षा दीवार में आई क्षति की सूचना मिलने के बाद संबंधित विभाग को तत्काल जांच के निर्देश दिए गए हैं। तकनीकी विशेषज्ञों की टीम मौके का निरीक्षण करेगी और रिपोर्ट के आधार पर मरम्मत तथा आवश्यक सुरक्षा उपाय किए जाएंगे, ताकि एप्रोच पथ को सुरक्षित रखा जा सके।
हालांकि प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई का भरोसा दिया है, लेकिन लगातार हो रही बारिश ने लोगों की बेचैनी बढ़ा दी है। यदि जल्द तकनीकी हस्तक्षेप नहीं हुआ तो मिट्टी का कटाव और तेज़ हो सकता है, जिससे श्रीकृष्ण सेतु तक पहुंचने वाला यह अहम संपर्क मार्ग गंभीर संकट में पड़ सकता है। फिलहाल लोगों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि संबंधित विभाग कितनी तेजी से मरम्मत शुरू कर इस संभावित आफ़त को टालता है।