Bihar Flood News : खगड़िया के चौथम में तेज हुआ कोसी का कटाव, देखते ही देखते नदी में समाये आधा दर्जन परिवारों के घर, इलाके में मची अफरा तफरी
Bihar Flood News : खगड़िया के चौथम प्रखंड के शिशवा गांव में कोसी ने भीषण कटाव शुरू कर दिया। देखते ही देखते छह परिवारों के पक्के आशियाने कोसी नदी की तेज धार में विलीन हो गए....पढ़िए आगे
KHAGARIA : कोसी नदी का बढ़ता जलस्तर अब खगड़िया जिले के गांवों के लिए बड़ी आफत बनता जा रहा है। रविवार सुबह चौथम प्रखंड की सरसावा पंचायत अंतर्गत शिशवा गांव में तेज कटाव के कारण छह परिवारों के घर देखते ही देखते कोसी नदी में समा गए। कुछ ही मिनटों में लोगों की वर्षों की मेहनत और जीवनभर की जमा-पूंजी नदी की तेज धार में बह गई। घटना के बाद पूरे गांव में अफरा-तफरी और दहशत का माहौल बन गया। ग्रामीणों के अनुसार कटाव की रफ्तार इतनी तेज थी कि कई परिवार अपने घरों से सामान तक नहीं निकाल सके। लोग किसी तरह जान बचाकर बाहर निकले, जबकि अन्य ग्रामीणों ने मिलकर जरूरी सामान सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया। घटना के बाद बड़ी संख्या में लोग अपने घर छोड़कर रिश्तेदारों और ऊंचे स्थानों की ओर पलायन करने लगे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि कोसी नदी का कटाव लगातार आबादी की ओर बढ़ रहा है। नदी अब गांव के कई अन्य मकानों के बेहद करीब पहुंच चुकी है। यदि समय रहते कटाव पर प्रभावी रोक नहीं लगाई गई तो आने वाले दिनों में शिशवा गांव का बड़ा हिस्सा नदी में समा सकता है। स्थानीय ग्रामीण सुरेश सिंह और रामपुकार यादव ने बताया कि कटाव की समस्या पिछले कई दिनों से लगातार बढ़ रही थी। इसकी सूचना कई बार स्थानीय प्रशासन और जल संसाधन विभाग को दी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। उनका कहना है कि यदि समय रहते बोल्डर पिचिंग, बांस पाइलिंग अथवा अन्य कटावरोधी कार्य शुरू कर दिए गए होते तो इतनी बड़ी क्षति से बचा जा सकता था।
घर नदी में समाने के बाद प्रभावित छह परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हो गए हैं। उनके सामने रहने, खाने और आजीविका का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत सामग्री, अस्थायी आवास, आर्थिक सहायता तथा सरकारी प्रावधानों के तहत उचित मुआवजा उपलब्ध कराने की मांग की है।
ग्रामीणों ने यह भी मांग की है कि जिला प्रशासन और जल संसाधन विभाग की टीम तत्काल शिशवा गांव पहुंचकर स्थिति का जायजा ले तथा युद्धस्तर पर कटावरोधी कार्य शुरू कराए। उनका कहना है कि यदि शीघ्र हस्तक्षेप नहीं किया गया तो कटाव का दायरा और बढ़ेगा, जिससे कई और परिवार बेघर हो सकते हैं। फिलहाल शिशवा गांव में भय और अनिश्चितता का माहौल है। लोग दिन-रात कोसी नदी के बढ़ते कटाव पर नजर बनाए हुए हैं और प्रशासनिक सहायता का इंतजार कर रहे हैं। प्रभावित परिवारों की सबसे बड़ी चिंता सिर छिपाने की जगह और भविष्य की सुरक्षा को लेकर बनी हुई है।
अमित की रिपोर्ट