Bihar Flood: गंगा-गंडक के कहर से खगड़िया बेहाल, सांसद ने CM से मांगा बाढ़ प्रभावित जिला घोषित करने का दर्जा

Bihar Flood: खगड़िया में गंगा और गंडक नदी के बढ़ते जलस्तर ने हालात को बेहद भयावह बना दिया है।...

गंगा-गंडक का कहर - फोटो : reporter

Bihar Flood: खगड़िया में गंगा और गंडक नदी के बढ़ते जलस्तर ने हालात को बेहद भयावह बना दिया है। कई इलाकों में बाढ़ का पानी फैलने से बड़ी आबादी की मुश्किलें बढ़ गई हैं। संकट की इस घड़ी में खगड़िया के सांसद राजेश वर्मा ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को पत्र लिखकर प्रभावित क्षेत्रों को तत्काल “बाढ़ प्रभावित क्षेत्र” घोषित करने और पीड़ित परिवारों को राहत, क्षतिपूर्ति एवं मुआवजा देने की मांग की है।

सांसद ने पत्र में कहा है कि गंगा और गंडक के जलस्तर में अप्रत्याशित वृद्धि से जिले के कई हिस्सों में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। लोगों के सामने आवागमन, रहने, भोजन, पेयजल और स्वास्थ्य सुविधाओं का संकट खड़ा है। परबत्ता प्रखंड की कई पंचायतों के अलावा गोगरी, मानसी और खगड़िया सदर प्रखंड के दर्जनों इलाकों में बाढ़ का व्यापक असर बताया गया है।

परबत्ता के जोरावरपुर, तेमथा करारी, दरियापुर भेलवा, लगार, कबेला, माधवपुर, कुल्हड़िया, भरसों और सौढ़ उत्तरी-दक्षिणी समेत कई पंचायत प्रभावित हैं। गोगरी में बन्नी, झिटकिया, बोरना, रामपुर और इटहरी के साथ नगर परिषद के मीरगंज, शारदा नगर और यशोदा नगर में भी पानी का संकट गहराया है।

मानसी के मटिहानी, जालिम बाबू टोला और चैधा बांध क्षेत्र तथा सदर प्रखंड के रहीमपुर उत्तर, दक्षिण और मध्य पंचायतों में भी हालात चिंताजनक बताए गए हैं। बाढ़ की मार से किसानों की खड़ी फसलें बर्बाद हो रही हैं, जबकि पशुपालकों को भी भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।

सांसद ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि प्रभावित क्षेत्रों को बाढ़ प्रभावित घोषित कर सरकारी प्रावधानों के तहत पीड़ित परिवारों को तत्काल राहत और मुआवजा उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि इस आपदा की घड़ी में सरकार की संवेदनशील और त्वरित कार्रवाई सबसे जरूरी है।

रिपोर्ट- अमित कुमार