Bihar Crime : खगड़िया में मिनी गन फैक्ट्री का पुलिस ने किया भंडाफोड़, 6 बदमाशों को किया गिरफ्तार, हथियार बनाने का उपकरण किया बरामद

Bihar Crime : खगड़िया में मिनी गन फैक्ट्री का पुलिस ने उद्भेदन किया है. जहाँ पुलिस ने 6 बदमाशों को गिरफ्तार किया है. वहीँ हथियार बनाने का उपकरण भी बरामद किया है........पढ़िए आगे

मिनी गन फैक्ट्री का उद्भेदन - फोटो : AMIT

KHAGARIA : जिले की चौथम थाना पुलिस ने अवैध हथियार निर्माण और तस्करी के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए गुलरिया गांव में चल रही एक मिनी गन फैक्ट्री का पर्दाफाश किया है। पुलिस अधीक्षक के निर्देशानुसार चलाए जा रहे इस विशेष अभियान के तहत पुलिस ने सटीक गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी की। इस दौरान पुलिस ने मौके से अवैध हथियारों का जखीरा और उन्हें बनाने वाली मशीनें बरामद की हैं, जिससे इलाके में चल रहे एक बड़े तस्करी सिंडिकेट का खुलासा हुआ है।

मुंगेर के शातिर कारीगरों का नेटवर्क आया सामने

पुलिस ने इस छापेमारी में कुल छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें दो महिलाएं भी शामिल हैं। गिरफ्तार किए गए लोगों में खगड़िया के स्थानीय निवासियों के साथ-साथ मुंगेर जिले के बरैया और नया रामनगर के शातिर कारीगर भी शामिल हैं। पकड़े गए आरोपियों की पहचान मो० इस्लाम, मो० साहेब, मो० एकब, संजय तांती, मुर्तजा खातून और नुजहत खातून के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, ये लोग मुंगेर से आकर यहाँ छिपकर हथियार बनाने का काम कर रहे थे।

अर्धनिर्मित हथियारों और मशीनों का बड़ा जखीरा जब्त

घटनास्थल से पुलिस ने जो बरामदगी की है, वह इस फैक्ट्री के बड़े स्तर पर संचालित होने की पुष्टि करती है। पुलिस ने मौके से 21 अर्धनिर्मित बैरल, 21 अर्धनिर्मित ट्रिगर बॉडी, एक देसी कट्टा और जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। इसके अलावा, हथियार बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाली 3 ड्रिल मशीनें, 27 ग्रिंडर, 30 लोहे के हैमर, 16 रेती और भारी मात्रा में स्प्रिंग व लोहे के पाइप भी जब्त किए गए हैं, जो तस्करी की बड़ी योजना की ओर इशारा करते हैं।

पुराना आपराधिक इतिहास और पुलिस की सतर्कता

पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि गिरफ्तार आरोपियों का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। मुख्य आरोपी मो० इस्लाम के खिलाफ पहले भी चौथम थाने में आर्म्स एक्ट के मामले दर्ज हैं, वहीं संजय तांती उर्फ संजय शर्मा भी मुंगेर में इसी तरह के अपराधों में जेल जा चुका है। सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में गठित टीम की इस त्वरित कार्रवाई ने अपराधियों के मंसूबों पर पानी फेर दिया है।

कांड संख्या 143/26 दर्ज, आगे की जांच जारी

इस मामले को लेकर चौथम थाना में कांड संख्या 143/26 के तहत एफआईआर दर्ज कर ली गई है। पुलिस अब इस बात की गहराई से पड़ताल कर रही है कि इन हथियारों की सप्लाई किन-किन क्षेत्रों में की जानी थी और इस नेटवर्क के पीछे और कौन-कौन से बड़े नाम शामिल हैं। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध हथियारों के निर्माण और बिक्री को रोकने के लिए जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है और ऐसे अन्य ठिकानों पर भी छापेमारी जारी रहेगी।

अमित की रिपोर्ट