चाय की दुकान पर घूसखोरी का खेल! निगरानी ने खनन कार्यालय के बड़ा बाबू और चपरासी रिश्वत लेते दबोचा, भ्रष्टाचार पर बड़ा प्रहार!

किशनगंज जिला खनन कार्यालय में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने लिपिक और परिचारी को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। ब्यूरो की मुख्यालय टीम ने जाल बिछाकर दोनों आरोपियों को अलग-अलग स्थानों से दबोचा।

Kishanganj -  किशनगंज जिला खनन कार्यालय में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने लिपिक और परिचारी को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है । ब्यूरो की मुख्यालय टीम ने जाल बिछाकर दोनों आरोपियों को अलग-अलग स्थानों से दबोचा और उनके पास से रिश्वत की कुल 15,000 रुपये की राशि बरामद की है ।  

ट्रैक्टर रिलीज करने के नाम पर मांगी थी घूस

परिवादी हबीब आलम ने निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, पटना के कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी कि जिला खनन कार्यालय के लिपिक (बड़ा बाबू) द्वारा पकड़े गए ट्रैक्टर का रिलीज ऑर्डर निकालने के एवज में रिश्वत की मांग की जा रही है । ब्यूरो द्वारा इस शिकायत का गोपनीय सत्यापन कराया गया, जिसमें लिपिक और उनके कार्यालय के परिचारी (चपरासी) द्वारा रिश्वत मांगे जाने का प्रमाण सही पाया गया । प्रथम दृष्टया आरोप सही पाए जाने के बाद पुलिस उपाधीक्षक आसिफ इकबाल मेहदी के नेतृत्व में एक विशेष धावादल का गठन किया गया ।  

लिपिक और चपरासी अलग-अलग ठिकानों से गिरफ्तार

निगरानी की टीम ने मंगलवार को सुनियोजित तरीके से कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को रंगे हाथ दबोच लिया । लिपिक अशोक कुमार चौधरी को जिला खनन कार्यालय के पास से ही 8,000/- रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया । वहीं, गिरोह में शामिल परिचारी सरोज कुमार सिंह को 7,000/- रुपये की घूस लेते हुए डुमरिया मोड़ स्थित एक चाय की दुकान से गिरफ्तार किया गया । 

निगरानी की अब तक की कार्रवाई के आंकड़े

वर्ष 2026 में भ्रष्टाचार के विरुद्ध निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की यह 20वीं प्राथमिकी है । ब्यूरो की रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल अब तक 18 ट्रैप कांड दर्ज किए जा चुके हैं, जिनमें कुल 14 अभियुक्तों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया जा चुका है । इन कार्रवाइयों के दौरान अब तक कुल 7,42,000/- रुपये की रिश्वत राशि बरामद की गई है । 

अग्रतर कार्रवाई और ब्यूरो की अपील

गिरफ्तार अभियुक्तों से पूछताछ के उपरांत उन्हें भागलपुर स्थित माननीय विशेष न्यायालय (निगरानी) में पेश किया जाएगा । निगरानी ब्यूरो ने भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए जनता से अपील की है कि यदि कोई भी लोक सेवक रिश्वत की मांग करता है, तो टोल-फ्री नंबर 0612-2215344 या व्हाट्सएप नंबर 9473494167 पर इसकी सूचना दें । फिलहाल मामले में अग्रतर अनुसंधान की कार्रवाई जारी है 

Report  - anil kumar