Bihar News : मोतिहारी में बड़ा फर्जीवाड़ा ! 'पुलिस मित्र' बहाली के नाम पर 41 युवकों से लाखों की ठगी, SP ने SIT का किया गठन, थानेदारों की भूमिका भी संदिग्ध

Bihar News : मोतिहारी में पुलिस मित्र में बहाली के नाम पर ठगी का मामला सामने आया है. जहाँ 41 युवकों से लाखों रूपये की ठगी की गयी है.....पढ़िए आगे

पुलिस मित्र के नाम पर ठगी - फोटो : HIMANSHU

MOTIHARI : पूर्वी चंपारण जिले में एक फर्जी एनजीओ द्वारा 'पुलिस मित्र' बहाली के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी का मामला उजागर हुआ है। जालसाजों ने बेरोजगार युवकों को सरकारी नौकरी और 20 हजार रुपये प्रति माह वेतन का लालच देकर अपना शिकार बनाया। मामला संज्ञान में आते ही मोतिहारी के एसपी स्वर्ण प्रभात ने कड़ी कार्रवाई करते हुए कोटवा थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी का आदेश दिया है।

प्रशिक्षु IPS के नेतृत्व में SIT गठित

ठगी की गहराई और इसमें शामिल बड़े नेटवर्क को देखते हुए एसपी ने एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। इस टीम का नेतृत्व एक प्रशिक्षु आईपीएस (Probationer IPS) को सौंपा गया है। जांच के दायरे में केवल एनजीओ संचालक ही नहीं, बल्कि जिले के कई थानों के थानेदार भी आ गए हैं। आरोप है कि थानों में स्टेशन डायरी (सनहा) दर्ज कर पुलिस मित्रों की ज्वाइनिंग कराई गई, जिससे बेरोजगारों को इस फर्जीवाड़े पर भरोसा हो गया।

मुजफ्फरपुर में ट्रेनिंग और थाने में आईडी कार्ड

ठगी का तरीका बेहद शातिराना था। एनजीओ ने युवकों को पहले मुजफ्फरपुर ले जाकर ट्रेनिंग दिलाई, ताकि उन्हें सब कुछ असली लगे। इसके बाद फर्जी तरीके से थाना परिसरों में ही उन्हें आईडी कार्ड वितरित किए गए। सूत्रों के मुताबिक, जिले के अरेराज, फेनहारा, ढाका, चिरैया और घोड़ासहन सहित कई थानों में इन युवकों की तैनाती की चर्चा है। जालसाजों ने थाना के चौकीदार और दफादार के बेटों को भी नहीं बख्शा और उनसे भी मोटी रकम वसूल ली।

41 बेरोजगारों से वसूले 50 हजार से 1 लाख रुपये

प्रारंभिक सूचना के अनुसार, अब तक 41 बेरोजगार युवकों के साथ ठगी की बात सामने आई है। प्रत्येक युवक से 50 हजार से लेकर 1 लाख रुपये तक वसूले गए हैं। पैसे लेने के लिए 'पे-फोन' (डिजिटल पेमेंट) का भी इस्तेमाल किया गया, जिसका रिकॉर्ड अब पुलिस खंगाल रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि थानों की मिलीभगत के बिना इतना बड़ा खेल होना नामुमकिन था, क्योंकि पुलिस परिसरों का उपयोग विश्वास जीतने के लिए किया गया।

दोषी पुलिसकर्मियों पर भी गिरेगी गाज: एसपी

एसपी स्वर्ण प्रभात ने दो टूक शब्दों में कहा है कि इस मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने बताया, "पीड़ित युवकों के आवेदन पर केस दर्ज कर लिया गया है। एनजीओ संचालकों की तलाश में पुलिस दबिश दे रही है। यदि किसी थानेदार या पुलिसकर्मी की भूमिका संदिग्ध पाई गई, तो उनके विरुद्ध भी कठोर विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।" इस कार्रवाई से पूरे जिला पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है।

हिमांशु की रिपोर्ट