BIhar News : मोतिहारी में साइबर अपराधियों के हौसले बुलंद, एडीएम मुकेश कुमार सिन्हा का व्हाट्सएप किया हैक, लोगों से मांगे पैसे
BIhar News : मोतिहारी में साइबर बदमाशों ने एडीएम मुकेश कुमार सिन्हा का व्हाट्सएप हैक कर उनके नाम पर लोगों से रुपये मांगने की कोशिश की. घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया.
Motihari : बिहार के पूर्वी चंपारण जिले में साइबर अपराधियों के हौसले इन दिनों सातवें आसमान पर हैं। अब आम नागरिकों को ठगने के बाद इन शातिर बदमाशों के निशाने पर सीधे प्रशासनिक अधिकारी आ गए हैं। ताजातरीन मामले में साइबर अपराधियों ने जिले के अपर समाहर्ता (एडीएम) मुकेश कुमार सिन्हा का आधिकारिक व्हाट्सएप अकाउंट हैक कर लिया। हैक करने के बाद बदमाशों ने उनके नाम और पद का दुरुपयोग करते हुए उनके परिचितों से रुपयों की मांग करनी शुरू कर दी, जिससे प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया।
व्हाट्सएप अकाउंट से संदिग्ध संदेश जाने की भनक जैसे ही एडीएम मुकेश कुमार सिन्हा को लगी, उन्होंने बिना कोई समय गंवाए तत्काल इसकी लिखित शिकायत जिला साइबर थाना पुलिस को दी। प्रशासनिक अधिकारी का मामला होने के कारण साइबर पुलिस तुरंत एक्टिव मोड में आ गई और तकनीकी सर्विलांस के जरिए जांच शुरू की। साइबर सेल की त्वरित और कुशल कार्रवाई के चलते कुछ ही समय के भीतर हैक किए गए व्हाट्सएप को साइबर ठगों के अवैध नियंत्रण से पूरी तरह मुक्त करा लिया गया।
व्हाट्सएप को रिकवर करने के बाद अब साइबर थाना पुलिस इस बात की गहराई से तफ्तीश कर रही है कि अपराधियों ने किस अत्याधुनिक तकनीक या फिशिंग लिंक के माध्यम से एडीएम के व्हाट्सएप को हैक किया था। इसके साथ ही पुलिस की टेक्निकल टीम आईपी एड्रेस और लोकेशन को ट्रैक कर यह पता लगाने में जुटी है कि इस डिजिटल वारदात को किस स्थान या राज्य से अंजाम दिया जा रहा था। पुलिस का दावा है कि मामले में गहन तकनीकी जांच जारी है और अपराधी जल्द ही सलाखों के पीछे होंगे।
मोतिहारी में वीआईपी (VIP) प्रोफाइल हैकिंग का यह कोई पहला मामला नहीं है। गौरतलब है कि महज तीन-चार दिन पहले ही पीएचईडी विभाग के अधीक्षण अभियंता गजेंद्र पासवान का व्हाट्सएप अकाउंट भी इसी तरह साइबर अपराधियों द्वारा हैक कर लिया गया था। जिले में लगातार एक के बाद एक वरिष्ठ प्रशासनिक और तकनीकी अधिकारियों को निशाना बनाए जाने की इन घटनाओं ने सरकारी अधिकारियों की डिजिटल सुरक्षा और गोपनीयता को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा कर दी हैं।
इस बढ़ती समस्या को देखते हुए साइबर थाना पुलिस ने आम जनता और अधिकारियों के लिए एक विशेष सतर्कता एडवाइजरी जारी की है। पुलिस ने अपील की है कि यदि किसी परिचित, रसूखदार अधिकारी या रिश्तेदार के नंबर से अचानक व्हाट्सएप पर रुपये मांगने का कोई संदेश या कॉल आता है, तो घबराएं नहीं। सबसे पहले संबंधित व्यक्ति को सामान्य कॉल करके सीधे संपर्क करें और मामले की पुष्टि अवश्य करें। बिना पूर्ण सत्यापन के किसी भी अज्ञात खाते में पैसे ट्रांसफर न करें, अन्यथा आप साइबर ठगी का शिकार हो सकते हैं।
हिमांशु की रिपोर्ट