Bihar Crime : बिहार में पूर्व मंत्री व भाजपा विधायक का मोबाइल साइबर जालसाजों ने किया हैक, समर्थकों से मांगे 28 हजार रूपये

Bihar Crime : बिहार के मोतिहारी जिले में भाजपा विधायक और पूर्व मंत्री राणा रणधीर सिंह का मोबाइल नंबर शातिर साइबर जालसाजों ने हैक कर लिया है। अब उनके समर्थकों से रूपये मांगे जा रहे हैं......पढ़िए आगे

विधायक का मोबाइल हैक - फोटो : HIMANSHU

MOTIHARI : बिहार के मोतिहारी से एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहाँ मधुबन विधानसभा क्षेत्र के भाजपा विधायक सह पूर्व मंत्री राणा रणधीर सिंह का मोबाइल नंबर साइबर जालसाजों ने हैक कर लिया है। मोबाइल हैक होते ही शातिर अपराधियों ने विधायक के नाम का इस्तेमाल कर उनके करीबियों और आम लोगों को मैसेज भेजकर रुपयों की मांग करना शुरू कर दिया। सत्ता पक्ष के विधायक के साथ हुई इस साइबर धोखाधड़ी की जानकारी सामने आते ही राजनीतिक और प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, साइबर अपराधियों द्वारा विधायक के आधिकारिक मोबाइल नंबर 9939941022 से लोगों को लगातार मैसेज भेजे जा रहे हैं। इन संदेशों में लिखा जा रहा है, "एक छोटी सी हेल्प चाहिए, अर्जेंट है, 28 हजार ऑनलाइन पेमेंट हो पाएगा?" इसके तुरंत बाद जालसाज एक बैंक खाता संख्या, मोबाइल नंबर और नाम भेजकर उस पर तुरंत पैसे ट्रांसफर करने का दबाव बना रहे हैं। विधायक के नंबर से इस तरह का मैसेज आने के बाद कई लोग असमंजस में पड़ गए।

जैसे ही विधायक के शुभचिंतकों और समर्थकों को इस बात का शक हुआ, उन्होंने तुरंत इसकी सूचना राणा रणधीर सिंह को दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पूर्व मंत्री ने बिना देर किए मोतिहारी एसपी, पकड़ीदयाल डीएसपी और मधुबन थाना को पूरे मामले की लिखित और मौखिक जानकारी दी। इसके साथ ही उन्होंने अपने सोशल मीडिया हैंडल्स पर भी तुरंत एक पोस्ट साझा कर आम जनता और अपने कार्यकर्ताओं से सतर्क रहने की भावुक अपील की।

विधायक राणा रणधीर सिंह ने इस मामले पर बयान जारी करते हुए कहा कि साइबर फ्रॉड गैंग द्वारा उनके मोबाइल नंबर को हैक कर लोगों से ठगी करने की सोची-समझी साजिश रची जा रही है। उन्होंने अपने समर्थकों और जनता से साफ शब्दों में कहा, "मेरे नाम पर या मेरे नंबर से अगर किसी भी तरह की रकम की मांग की जाती है, तो कृपया कोई भी पैसा ट्रांसफर न करें। यह एक धोखाधड़ी है।"

इधर मामला दर्ज होते ही स्थानीय पुलिस और जिला साइबर सेल की टीम सक्रिय हो गई है और मामले की तकनीकी जांच में जुट गई है। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि जालसाज विधायक के परिचितों, रसूखदारों और समर्थकों को निशाना बनाकर एक बड़ी ठगी की वारदात को अंजाम देने की फिराक में थे, जिसे समय रहते भांप लिया गया। पुलिस जल्द ही इस गिरोह के पर्दाफाश का दावा कर रही है।

हिमांशु की रिपोर्ट