Bihar News : मोतिहारी में 60 लाख वेतन घोटाला को लेकर शिक्षा विभाग का बड़ा एक्शन, कई जिलों में HRMS फर्जीवाड़े की जांच के लिए 3 सदस्यीय टीम का किया गठन

Bihar News : मोतीहारी शिक्षा विभाग में HRMS के माध्यम से हुए 60 लाख वेतन घोटाला के बाद मुख्यालय शिक्षा विभाग का एक्शन शुरू हो गया है.......पढ़िए आगे

शिक्षा विभाग का एक्शन - फोटो : HIMANSHU

MOTIHARI : मोतिहारी (पूर्वी चंपारण) जिले में HRMS (ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट सिस्टम) के माध्यम से हुए 60 लाख रुपये के बहुचर्चित वेतन घोटाले के बाद शिक्षा विभाग मुख्यालय ने कड़ा रुख अपना लिया है। शिक्षा विभाग के निदेशक (प्रशासन) विजय कुमार पांडेय ने क्षेत्रीय शिक्षा उप निदेशक (RDD) के नेतृत्व में तीन सदस्यीय टीम का गठन करने का निर्देश दिया है। इसके तहत सभी मामलों में 'मेकर' (Maker), 'चेकर' (Checker) और 'अप्रूवर' (Approver) की सूची उनके नाम और पदनाम के साथ तैयार कर 15 नवंबर 2026 तक मुख्यालय को भेजने का सख्त आदेश दिया गया है। इस कार्रवाई के बाद से शिक्षा विभाग के महकमे में हड़कंप मच गया है और घोटाले में शामिल कर्मियों व अधिकारियों पर गाज गिरनी तय मानी जा रही है।

मोतिहारी में 214 शिक्षकों ने ली दोहरी सैलरी, कई जिलों में फैला है फर्जीवाड़ा 

शिक्षा विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, मोतिहारी जिले में अब तक की जांच में यह खुलासा हुआ है कि 214 शिक्षकों द्वारा अधिकारियों और कर्मियों की मिलीभगत से दोहरी वेतन और एरियर का अवैध लाभ उठाकर सरकारी खजाने को चूना लगाया गया था। इस प्रकार की धांधली सिर्फ मोतिहारी तक सीमित नहीं है, बल्कि राज्य के कई अन्य जिलों में भी HRMS प्रणाली के जरिए अवैध निकासी के मामले सामने आए हैं। निदेशक द्वारा पटना, तिरहुत, मगध और सारण के आरडीडी (RDD) को भेजे गए पत्र के मुताबिक गोपालगंज: 783 मामले, गया: 628 मामले, बेतिया (पश्चिम चंपारण): 551 मामले, पटना: 312 मामले, बक्सर: 260 मामले, रोहतास: 247 मामले, मुजफ्फरपुर: 238 मामले, मोतिहारी (पूर्वी चंपारण): 214 मामले, औरंगाबाद: 210 मामले और कैमूर में 201 मामले संदिग्ध पाए गए हैं।

त्रि-सदस्यीय जांच टीम करेगी बिंदुवार गहन पड़ताल

निर्देश के अनुसार, सभी संबंधित क्षेत्रीय शिक्षा उप निदेशक (RDD) अपने-अपने प्रमंडल में तीन सदस्यीय जांच दल का गठन करेंगे और खुद उस टीम के साथ जाकर मामलों की गहनता से पड़ताल करेंगे। जांच टीम द्वारा हर एक मामले की अलग-अलग जांच की जाएगी और यह स्पष्ट रिपोर्ट देनी होगी कि संबंधित अवैध भुगतान में Maker (प्रस्ताव तैयार करने वाले), Checker (सत्यापन करने वाले) और Approver (अनुमोदन देने वाले) के रूप में कौन-कौन पदाधिकारी और कर्मी शामिल थे, उनका नाम व पदनाम क्या है।

जवाबदेही तय करने और डेडलाइन का निर्देश 

प्रत्येक मामले में संबंधित अधिकारियों और कर्मियों की वित्तीय व प्रशासनिक जवाबदेही विभागीय अधिसूचना संख्या-939 (दिनांक 23.06.2011) के प्रावधानों के तहत तय की जाएगी। इस अधिसूचना में जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO), डीपीओ (स्थापना, योजना एवं लेखा) तथा अन्य पदाधिकारियों के अधिकारों व कार्यों का निर्धारण किया गया है। शिक्षा विभाग ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि सभी मामलों की बिंदुवार जांच पूरी कर 15 नवंबर 2026 तक हर हाल में स्पष्ट जांच प्रतिवेदन मुख्यालय को उपलब्ध कराया जाए।

हिमांशु की रिपोर्ट