मोतिहारी में फर्जी आधार बनाने वाले सिंडिकेट का भंडाफोड़: नेपाल से उत्तराखंड तक फैला नेटवर्क, 2 नेपाली महिलाओं समेत सीएसपी संचालक गिरफ्तार
मोतिहारी पुलिस ने विदेशी नागरिकों का फर्जी पहचान पत्र बनाने वाले एक बड़े अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में पुलिस ने सीएसपी केन्द्र के संचालक समेत दो नेपाली महिलाओं को गिरफ्तार किया है....
Motihari : पूर्वी चंपारण जिले की पुलिस ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर विदेशी नागरिकों का पहचान पत्र बनाने वाले एक बड़े अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है। गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने कुंडवाचैनपुर थाना क्षेत्र स्थित एक सीएसपी (CSP) केंद्र पर छापेमारी कर फर्जीवाड़ा करने वाले संचालक और दो नेपाली महिलाओं को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
नेपाल, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल से जुड़ा है फर्जीवाड़े का नेटवर्क
सिकरहना डीएसपी अभिषेक कुमार के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई के बाद पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। गिरोह का जाल नेपाल, उत्तराखंड से लेकर पश्चिम बंगाल तक फैला हुआ है। गिरोह के सदस्य नेपाली महिलाओं को पैसों का लालच देकर भारत लाते थे और उत्तराखंड निवासी राकेश कुमार व गीता देवी के जरिए सीएसपी संचालक मनीष कुमार से संपर्क साधते थे।
पश्चिम बंगाल के पते पर बनता था जाली जाति प्रमाण पत्र
पूछताछ में सामने आया कि सीएसपी संचालक नेपाली महिलाओं की तस्वीरें उत्तराखंड भेजता था, जहां से पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के पते पर उनका जाली जाति प्रमाण पत्र बनवाया जाता था। इसी फर्जी कागजात के आधार पर उनका भारतीय आधार कार्ड और वोटर आईडी तैयार किया जाता था, जिसका इस्तेमाल बाद में विभिन्न संस्थाओं से अवैध रूप से लोन (ऋण) लेने में किया जा रहा था।
लैपटॉप, फिंगर स्कैनर और 12 फर्जी आधार कार्ड समेत भारी सामान बरामद
छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से 12 फर्जी आधार कार्ड, 6 मतदाता पहचान पत्र, 6 जाली जाति प्रमाण पत्र, 1 आयुष्मान कार्ड, 350 पीस प्लास्टिक आधार कार्ड शीट, 1 लैपटॉप, 1 प्रिंटर, 2 फिंगरप्रिंट स्कैनर, 1 आई स्कैनर, 1 कैमरा और मोबाइल जब्त किया है। गिरफ्तार सीएसपी संचालक मनीष कुमार कुंडवाचैनपुर का ही निवासी है।
अग्रिम कानूनी कार्रवाई में जुटी पुलिस, अन्य आरोपियों की तलाश तेज
डीएसपी अभिषेक कुमार ने बताया कि इस पूरे गिरोह के मुख्य सरगनाओं की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। फर्जी तरीके से भारतीय पहचान पत्र बनवाकर वित्तीय धोखाधड़ी करने वाले इस नेटवर्क के अन्य संपर्कों को भी खंगाला जा रहा है। पुलिस ने मामले में प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
हिमांशु की रिपोर्ट