Bihar Flood: चंपारण तटबंध 150 फीट टूटा, गंडक के रौद्र रूप से हाहाकार, घर छोड़ कर भाग रहे लोग
Bihar Flood: उत्तर बिहार में गंडक नदी के बढ़ते जलस्तर और पानी के जबरदस्त दबाव ने तबाही का मंजर पैदा कर दिया है। ...
Bihar Flood: उत्तर बिहार में गंडक नदी के बढ़ते जलस्तर और पानी के जबरदस्त दबाव ने तबाही का मंजर पैदा कर दिया है। पश्चिम चंपारण जिले में सोमवार रात करीब 8:30 बजे रतवल-चखनी मुख्य मार्ग पर खैरटवा के समीप चंपारण तटबंध का करीब 150 फीट हिस्सा टूट गया। तटबंध टूटते ही आसपास के गांवों में अफरातफरी मच गई। लोग रातोंरात अपना जरूरी सामान समेटकर सुरक्षित और ऊंचे स्थानों की ओर निकलने लगे। गंडक के उफान ने पश्चिम चंपारण के साथ पूर्वी चंपारण, गोपालगंज और सारण के कई इलाकों में भी मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
वाल्मीकिनगर स्थित गंडक बराज से सोमवार सुबह 5.43 लाख क्यूसेक पानी नदी में छोड़ा गया, जो इस साल का सर्वाधिक डिस्चार्ज बताया गया। हालांकि दोपहर बाद नदी में पानी का डिस्चार्ज घटना शुरू हुआ। इसके बावजूद पहले से बढ़े जलस्तर और तेज बहाव के चलते तटबंधों पर दबाव कायम रहा। बगहा शहर में बाढ़ का पानी दाखिल हो गया और कई इलाके जलमग्न हो गए। बगहा-बेतिया और बगहा-वाल्मीकिनगर मार्ग पर भी पानी फैलने से आवागमन बाधित हो गया है। कई जगह लोग नाव के सहारे आवाजाही करने को मजबूर हैं।
तटबंध टूटने के बाद गंडक का पानी सरेह में तेजी से फैल रहा है। इसके बाद आसपास के दर्जनों गांवों में पानी पहुंचने का खतरा मंडरा रहा है। चखनी, राजावटिया, सिंगाड़ी पिपरिया, चंद्रपुर, रतवल और पतिलार पंचायतों के कई गांवों में दहशत का माहौल है। ग्रामीण अपना सामान समेटकर ऊंचे स्थानों की ओर जाने की तैयारी में जुटे हैं।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों के मुताबिक तटबंध करीब 150 फीट तक टूट गया है और पानी गांवों की तरफ तेजी से बढ़ रहा है। रतवल-चखनी मुख्य मार्ग पर पानी फैलने से आवागमन ठप हो गया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल राहत-बचाव अभियान तेज करने और तटबंध की मरम्मत कराने की मांग की है। खास बात यह है कि पिछले वर्ष भी इसी स्थान पर तटबंध टूट चुका था, जिससे ग्रामीणों को भारी नुकसान उठाना पड़ा था।
जल संसाधन विभाग के मुताबिक बगहा के निकट गंडक का जलस्तर अब तक के उच्चतम फ्लड लेवल 90.90 मीटर से करीब 35 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया। विभाग ने इसे तटबंध पर अचानक धसान के कारण हुआ माइनर ब्रीच बताया है। पानी खेतों में फैल रहा है और आगे तटबंध के करीब 9.50 किलोमीटर पर दोबारा गंडक नदी में मिलने की बात कही गई है।
हालांकि विभाग के अनुसार एनएच-727 को फिलहाल बड़े खतरे की आशंका नहीं है। हाईवे टूटान स्थल से करीब तीन किलोमीटर दूर है और संबंधित क्षेत्र में नदी का बहाव घटने लगा है। जल संसाधन विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर मरम्मत में जुटी है। जिला प्रशासन भी हालात पर नजर रखे हुए है।
बगहा शहर के करीब नौ वार्ड बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। एसपी कार्यालय, पुलिस लाइन और किसान भवन तक पानी पहुंच गया है। दूसरी ओर पूर्वी चंपारण के संग्रामपुर और अरेराज के कई गांवों में बाढ़ का पानी फैल गया है। गोपालगंज सदर प्रखंड के चार गांवों की सड़कें भी जलमग्न हो गई हैं। गंडक के इस रौद्र रूप ने उत्तर बिहार में एक बार फिर बाढ़ की चुनौती को गंभीर कर दिया है।