मोतीहारी में डीएम और एसपी ने बाढ़ पीड़ितों को परोसा खाना, अरेराज के प्रभावित इलाकों का किया निरीक्षण

मोतिहारी डीएम और एसपी ने गुरुवार को बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरान किया। इस दौरान दोनो अधिकारियों ने बाढ़ पीड़ितों के लिए चल रहे सामुदायिक किचन का निरीक्षण किया और अपने हाथों से लोगों को खाना परोसा....

डीएम और एसपी ने बाढ़ पीड़ितों को परोसा खाना- फोटो : हिमांशु

Motihari : जिलाधिकारी सौरभ सुमन यादव और पुलिस अधीक्षक (एसपी) स्वर्ण प्रभात ने गुरुवार दोपहर बाढ़ प्रभावित अरेराज प्रखंड के नवादा पंचायत का दौरा किया। इस दौरान दोनों अधिकारियों ने बाढ़ पीड़ितों से मुलाकात कर प्रशासन द्वारा की जा रही व्यवस्थाओं जैसे सामुदायिक किचन, नाव संचालन और प्लास्टिक शीट (पॉलीथिन) वितरण की जमीनी हकीकत जानी और मौके पर मौजूद अधिकारियों को कई आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।


तटबंधों के रिसाव स्थल का निरीक्षण और सुरक्षा व्यवस्था

दौरे के क्रम में अधिकारियों ने मननपुर में चंपारण तटबंध पर दो स्थानों पर हुई रिसाव और कट वाली जगहों का बारीकी से निरीक्षण किया। एसपी स्वर्ण प्रभात ने बताया कि तटबंध की सुरक्षा और निरंतर निगरानी के लिए भारी मात्रा में सुरक्षा बलों को 24 घंटे तैनात किया गया है। स्थानीय डीएसपी, थानाध्यक्ष सहित अन्य पुलिस अधिकारी लगातार तटबंध का मुआयना कर रहे हैं, और खुद डीएम-एसपी द्वारा भी रात्रि में निरीक्षण किया जा रहा है।


सामुदायिक रसोई का निरीक्षण और खुद परोसा खाना

अधिकारियों ने नवादा पंचायत के नोनिया टोला स्थित बाढ़ शरण स्थली और वहां चल रहे सामुदायिक रसोई (कम्युनिटी किचन) का जायजा लिया। इस दौरान एक मानवीय पहल करते हुए डीएम सौरभ सुमन यादव और एसपी स्वर्ण प्रभात ने खुद अपने हाथों से बाढ़ पीड़ितों को भोजन परोसा और लोगों से खाने की गुणवत्ता तथा अन्य व्यवस्थाओं के संबंध में सीधी जानकारी प्राप्त की।


मेडिकल कैंप और पशु चारे की व्यवस्था की समीक्षा

कार्यक्रम के दौरान मेडिकल टीम के कार्यों की भी समीक्षा की गई। सिविल सर्जन ने जानकारी दी कि पिछले तीन दिनों में जिला अंतर्गत बाढ़ प्रभावित अंचलों में लगाए गए मेडिकल कैंपों में लगभग 4000 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जा चुका है और ढाई हजार से अधिक लोगों को आवश्यक दवाइयां वितरित की गई हैं। इसके अलावा, बाढ़ क्षेत्रों में पशुओं के लिए चारे की भी समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।


गंडक नदी का घटता जलस्तर और प्रशासन की मुस्तैदी

जिलाधिकारी ने बताया कि वर्तमान में अरेराज, संग्रामपुर और केसरिया प्रखंड बाढ़ से प्रभावित हैं, जहां कुल 30 स्थानों पर सामुदायिक किचन चलाकर लोगों को भोजन कराया जा रहा है। राहत की बात यह है कि गंडक नदी में अब पानी का स्तर घट रहा है। प्रशासन, जनप्रतिनिधियों, ग्रामीणों और जल संसाधन विभाग के अथक प्रयासों से तटबंध पूरी तरह सुरक्षित है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

हिमांशु की रिपोर्ट