मोतीहारी में DEO की बड़ी कार्रवाई: ई-शिक्षाकोष पर फर्जी अटेंडेंस और वित्तीय भ्रष्टाचार मामले में MJK कन्या इंटर कॉलेज के प्रभारी HM सस्पेंड

पूर्वी चंपारण के डीईओ राजन कुमार गिरी ने भ्रष्टाचार और ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर फर्जी हाजिरी बनाने के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए एम.जे.के. कन्या इंटर कॉलेज के प्रभारी प्रधानाध्यापक लालबाबू साह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है....

Motihari : पूर्वी चंपारण के जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) राजन कुमार गिरी ने शिक्षा विभाग में फैले भ्रष्टाचार और विभागीय नियमों की धज्जियां उड़ाने वाले एक प्रधानाध्यापक के खिलाफ बेहद सख्त कार्रवाई की है। डीईओ ने मोतीहारी के प्रसिद्ध एम. जे. के. कन्या इंटर कॉलेज के प्रभारी प्रधानाध्यापक (HM) लालबाबू साह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। आरोपी प्रभारी एचएम पर पटना, समस्तीपुर और बख्तियारपुर जैसे सुदूर शहरों में रहकर तकनीकी खामियों का फायदा उठाते हुए ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर अपनी फर्जी उपस्थिति दर्ज कराने और सरकारी राजस्व को चूना लगाने का गंभीर आरोप सच साबित हुआ है।


जांच के लिए गठित चार सदस्यीय उच्चस्तरीय कमेटी ने खोला वित्तीय भ्रष्टाचार का पोल

प्रभारी प्रधानाध्यापक लालबाबू साह के खिलाफ मिल रही भ्रष्टाचार की लगातार शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए डीईओ राजन कुमार गिरी ने एक चार सदस्यीय उच्चस्तरीय जांच टीम का गठन किया था। इस जांच टीम में डीपीओ (प्रारंभिक शिक्षा), डीपीओ (समग्र शिक्षा अभियान - SSA), कनीय/सहायक अभियंता तथा बिहार शिक्षा परियोजना के लेखा सहायक शामिल थे। इस विशेष टीम ने जब एम. जे. के. कन्या इंटर कॉलेज के खातों, निर्माण कार्यों और विभागीय दस्तावेजों की सघन जांच की, तो वहां बड़े पैमाने पर की गई भारी वित्तीय अनियमितताओं के सुबूत हाथ लगे।


बिना प्रबंध समिति की अनुमति के कराए गए निर्माण कार्य, अकेले निकाली सरकारी राशि

कमेटी की जांच रिपोर्ट में यह प्रथम दृष्टया स्पष्ट हुआ कि प्रभारी एचएम लालबाबू साह ने विभागीय नियमों और आदेशों की खुलेआम अनदेखी की। उन्होंने विद्यालय शिक्षा प्रबंध समिति की बिना किसी बैठक या सर्वसम्मत निर्णय के ही स्कूल परिसर में 'प्री-फैब' और मुख्य गेट का निर्माण करवा दिया। इतना ही नहीं, सरकारी राशि के गबन और वित्तीय तानाशाही को दर्शाते हुए उन्होंने नियमों के विपरीत जाकर एकल वित्तीय निकासी की और चेक पर अकेले हस्ताक्षर कर सरकारी फंड का बंदरबांट किया।


तकनीकी हेराफेरी से दूसरे जिलों में रहकर बनाई डिजिटल हाजिरी, स्पष्टीकरण का जवाब मिला तथ्यहीन

वित्तीय भ्रष्टाचार के अलावा आरोपी शिक्षक ने बिहार सरकार के महत्वाकांक्षी डिजिटल ट्रैकिंग सिस्टम 'ई-शिक्षाकोष' ऐप के साथ भी गंभीर धोखाधड़ी की। लालबाबू साह विद्यालय से सैकड़ों किलोमीटर दूर पटना, बख्तियारपुर और समस्तीपुर में मौज काट रहे थे और जियो-फेंसिंग व तकनीकी हेराफेरी के जरिए मोबाइल ऐप पर स्कूल में अपनी उपस्थिति दर्ज कराकर हर महीने नियमित वेतन का उठाव कर रहे थे। इस गंभीर जालसाजी को लेकर डीईओ द्वारा उनसे शो-कॉज (स्पष्टीकरण) मांगा गया था, जिसका जवाब उन्होंने बेहद त्रुटिपूर्ण, गैर-जिम्मेदाराना और तथ्यहीन दिया, जिसे विभाग ने सिरे से खारिज कर दिया।


बंजरिया बीआरसी बनाया गया नया मुख्यालय, सिर्फ जीवन निर्वाह भत्ता होगा देय

डीईओ राजन कुमार गिरी द्वारा निलंबन पत्र जारी किए जाने के बाद संपूर्ण शिक्षा विभाग के अधिकारियों और शिक्षकों के बीच हड़कंप मच गया है। निलंबन की इस अवधि के दौरान आरोपी प्रभारी एचएम लालबाबू साह का विभागीय मुख्यालय 'बंजरिया प्रखंड संसाधन केंद्र' (BRC) निर्धारित किया गया है, जहां उन्हें नियमित रूप से अपनी उपस्थिति दर्ज करानी होगी। इसके साथ ही, विभाग ने स्पष्ट किया है कि सस्पेंशन की पूरी अवधि के दौरान उन्हें नियमानुसार केवल जीवन निर्वाह भत्ता ही देय होगा।


हिमांशु की रिपोर्ट