डीएम की बड़ी कार्रवाई: काम में लापरवाही बरतने पर 26 सीओ और राजस्व अधिकारियों का वेतन किया स्थगित

सरकारी कार्यों में घोर लापरवाही, उदासीनता और सरकारी आदेशों की अवहेलना करने पर डीएम ने बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की है। डीएम ने जिले के 26 अंचलों के CO और RO का वेतन अगले आदेश तक के लिए रोक दिया है....

डीएम की बड़ी कार्रवाई- फोटो : हिमांशु

Motiharie : पूर्वी चंपारण के जिलाधिकारी सौरभ सुमन यादव ने सरकारी कार्यों में घोर लापरवाही, उदासीनता और सरकारी आदेशों की अवहेलना करने पर बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की है। डीएम ने जिले के 26 अंचलों के अंचलाधिकारियों (CO) और राजस्व अधिकारियों (RO) का वेतन अगले आदेश तक के लिए रोक दिया है। इसके साथ ही सभी संबंधित अधिकारियों से 24 घंटे के भीतर लिखित स्पष्टीकरण की मांग की गई है। इस अचानक हुई कार्रवाई से पूरे प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है।


बंजरिया अंचल को छोड़कर शेष 26 अंचलों पर गिरी गाज 

मोतीहारी जिले में कुल 27 अंचल हैं, जिनमें से केवल बंजरिया अंचल के कार्य निष्पादन को संतोषजनक पाया गया। अपर समाहर्त्ता द्वारा की गई समीक्षा में बंजरिया सीओ को छोड़कर शेष सभी 26 अंचलों के अधिकारियों की कार्यशैली बेहद निराशाजनक रही। बार-बार चेतावनी और दिशा-निर्देश दिए जाने के बावजूद इन अंचलों द्वारा समय पर आवश्यक रिपोर्ट समर्पित नहीं की गई, जिसे जिलाधिकारी ने अत्यंत गंभीरता से लिया है।


कोर्ट केस और राजस्व महाअभियान में पाई गई घोर ढिलाई 

अपर समाहर्त्ता द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उच्च न्यायालय से जुड़े मुकदमों (CWJC और MJC) की अद्यतन स्थिति तथा 'राजस्व महाअभियान' के तहत चलाए जा रहे कार्यों की समीक्षा की गई थी। समीक्षा के दौरान पाया गया कि अंचलाधिकारी और राजस्व अधिकारी इन जनहित व विधिक मामलों में कोई रुचि नहीं ले रहे हैं। सरकारी अभियानों और अदालती मामलों के प्रति दिखाई गई इस उदासीनता को डीएम ने स्वेच्छाचारिता और अनुशासनहीनता माना।


24 घंटे के भीतर पोर्टल पर रिपोर्ट अपलोड कर मांगा जवाब 

डीएम ने कड़ा रुख अपनाते हुए सभी दोषी अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे सी०डब्लू० जे०सी०, एम०जे०सी और राजस्व महाअभियान से जुड़े लंबित प्रतिवेदन को अविलंब विभागीय पोर्टल पर अपलोड करें। इसके साथ ही, पत्र प्राप्ति के 24 घंटे के अंदर अपर समाहर्त्ता, पूर्वी चंपारण के समक्ष यह कारण बताते हुए अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करें कि सरकारी कार्यों में लापरवाही बरतने के आरोप में उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई हेतु विभाग को अनुशंसा क्यों न की जाए।


प्रशासनिक व्यवस्था में कसावट लाने का दिया संदेश 

जिला प्रशासन की इस कार्रवाई से यह स्पष्ट संदेश गया है कि जनहित, अदालती मामलों और राजस्व संग्रह से जुड़े कार्यों में किसी भी स्तर पर कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिलाधिकारी के इस कठोर फैसले के बाद जिला मुख्यालय से लेकर ब्लॉक स्तर तक हड़कंप की स्थिति है। इसके साथ ही अन्य विभागों में भी पेंडिंग फाइलों और लंबित सरकारी अभियानों को समय पर पूरा करने की हलचल तेज हो गई है।


हिमांशु की रिपोर्ट