मोतिहारी में मनरेगा घोटाला: धरातल से मजदूर गायब, ऐप पर 181 की फर्जी हाजिरी, एसडीओ की जांच के बाद पंचायत समिति पति हिरासत मे
मोतिहारी जिले में मनेरगा मनरेगा योजना में एक बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। इस मामले को लेकर तीन लोगों को एफआईआर दर्ज हुई है। वहीं एसडीओ के निर्देश पर पुलिस ने पंचायत समिति पति को फर्जीवाड़े में प्रयुक्त मोबाइल के साथ हिरासत में लिया है....
Motihari : पूर्वी चंपारण (मोतिहारी) जिले में मनरेगा योजना भ्रष्टाचार और लूट का जरिया बनती जा रही है। जिले के ढाका प्रखंड अंतर्गत करमवा पंचायत में मनरेगा योजना में एक बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। यहाँ धरातल पर काम कर रहे एक भी मजदूर मौजूद नहीं थे, लेकिन डिजिटल निगरानी तंत्र (एनएमएमएस क्लोन ऐप) के जरिए रोजाना 181 मजदूरों की फर्जी हाजिरी बनाकर सरकारी राशि गबन करने का सनसनीखेज खेल चल रहा था। सिकरहना एसडीओ की औचक जांच में इस बड़े फर्जीवाड़े का पर्दाफाश हुआ, जिसके बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। एसडीओ के निर्देश पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने पंचायत समिति पति लालबाबू पासवान को फर्जीवाड़े में प्रयुक्त मोबाइल के साथ हिरासत में ले लिया है।
एसडीओ की औचक जांच में खुला फर्जीवाड़े का राज
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ढाका प्रखंड क्षेत्र में मनरेगा योजनाओं के तहत बड़े पैमाने पर अनियमिताओं की शिकायतें मिल रही थीं। इसी आलोक में सिकरहना एसडीओ विजय कुमार ने स्थलीय निरीक्षण किया। जांच के दौरान पंचायत भवन परिसर में मिट्टी भराई एवं पेवर ब्लॉक निर्माण तथा बहलोलपुर में नाला और पीसीसी निर्माण कार्य का जायजा लिया गया। निरीक्षण में चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि दोनों कार्यस्थलों पर एक भी मजदूर मौजूद नहीं था, जबकि मोबाइल ऐप पर धड़ल्ले से मजदूरों की उपस्थिति दर्ज की जा रही थी।
जांच रिपोर्ट के मुताबिक, पहली योजना में 11 से 18 अक्टूबर तक प्रतिदिन 133 और दूसरी योजना में 15 से 18 अक्टूबर तक प्रतिदिन 48 मजदूरों की फर्जी उपस्थिति दर्ज कर भारी पैमाने पर सरकारी राशि के गबन की साजिश रची गई थी।
तीन लोगों पर प्राथमिकी दर्ज, मोबाइल जब्त कर पुलिस कर रही है पूछताछ
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीओ के निर्देश पर मनरेगा पीओ द्वारा ढाका थाने में कुल तीन लोगों—रूपमाला देवी, लालबाबू पासवान (पंचायत समिति पति) और मो. रिजवान के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। पुलिस ने मुख्य आरोपी पंचायत समिति पति लालबाबू पासवान को घटना में प्रयुक्त मोबाइल के साथ हिरासत में ले लिया है और उससे पूछताछ कर रही है।
सिकरहना एसडीओ विजय कुमार ने बताया कि मजदूरों को रोजगार देने वाली सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना में भारी गड़बड़ी पाई गई है। स्थलीय जांच में एक भी मजदूर उपस्थित नहीं मिला, जबकि ऐप पर सैकड़ों मजदूरों की फर्जी हाजिरी बनाई जा रही थी। जांच रिपोर्ट जिला पदाधिकारी को भेज दी गई है और इस फर्जीवाड़े में संलिप्त अन्य अधिकारियों व कर्मियों के खिलाफ भी कठोर कार्रवाई की जाएगी।
हिमांशु की रिपोर्ट