मोतीहारी: DM-SP ने परखा सरकारी स्कूल का मिडल मील और साफ-सफाई, शिक्षकों को दी अभिभावक बनने की नसीहत

पूर्वी चम्पारण (मोतीहारी) के जिलाधिकारी और एसपी ने चिरैया प्रखंड के राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय, बेलघाट का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान DM साहब खुद शिक्षक की भूमिका में नजर आए, बच्चों से सवाल-जवाब किए और उन्हें सफलता का मूल मंत्र दिया।

DM ने क्लास में बच्चों को पढ़ाया और सफलता का मूल मंत्र दिया।- फोटो : Reporter

पूर्वी चम्पारण के जिलाधिकारी (डीएम) सौरभ सुमन यादव अपने एक औचक स्कूल निरीक्षण के दौरान अचानक शिक्षक की भूमिका में नजर आए। विद्यालय का जायजा लेने पहुंचे डीएम ने न सिर्फ छात्र-छात्राओं से कई सवाल पूछे, बल्कि खुद क्लास रूम में जाकर बच्चों को पढ़ाया भी। इस खास मौके पर उन्होंने बच्चों को जीवन में सफल होने का मूल मंत्र दिया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। जिलाधिकारी को अपने बीच एक शिक्षक के रूप में पाकर स्कूली बच्चों में खासा उत्साह देखा गया।


डीएम और एसपी ने किया राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय बेलघाट का निरीक्षण

दरअसल, मोतीहारी के डीएम सौरभ सुमन यादव और पुलिस अधीक्षक (एसपी) स्वर्ण प्रभात ने संयुक्त रूप से चिरैया प्रखंड के राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय, बेलघाट का सघन निरीक्षण किया। इस दौरान दोनों आला अधिकारियों ने छात्रों और शिक्षकों की उपस्थिति पंजी (अटेंडेंस) की बारीकी से जांच की। इसके साथ ही विद्यालय प्रांगण की स्वच्छता, रसोई घर की साफ-सफाई और बच्चों को दिए जाने वाले मध्याह्न भोजन (एमडीएम) की गुणवत्ता का जायजा लेते हुए रसोइयों से भी पूछताछ की।


बच्चों को दिया सफलता का मंत्र, नीट (NEET) के सफल छात्रों को दी बधाई

क्लास में बच्चों से संवाद करते हुए जिलाधिकारी ने भावुक संदेश दिया। उन्होंने कहा, "आप सभी के अभिभावक आपके लिए दिन-रात कड़ा परिश्रम कर रहे हैं। अब आपका यह फर्ज है कि आप भी मन लगाकर पढ़ाई करें और उन्हें खुश होने का अवसर दें।" इसी दौरान डीएम ने हाल ही में जारी हुए नीट (NEET) मेडिकल परीक्षा के नतीजों का जिक्र करते हुए जिले के तमाम सफल होनहार बच्चों को बधाई व शुभकामनाएं भी दीं, जिनकी कामयाबी की जानकारी उन्हें समाचार पत्रों के माध्यम से मिली थी।


शिक्षकों को सख्त निर्देश: खुद को बच्चों का अभिभावक मानकर दें बेहतर शिक्षा

निरीक्षण के दौरान स्कूल में शिक्षकों और बच्चों की उपस्थिति संतोषजनक पाई गई। हालांकि, डीएम ने विद्यालय के प्रधानाध्यापक (एचएम) और शिक्षकों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि वे खुद को महज शिक्षक न समझें, बल्कि बच्चों का अभिभावक मानकर उन्हें बेहतर शिक्षा दें। उन्होंने याद दिलाया कि सरकार शिक्षा प्रबंधन को मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर इसमें सबसे महत्वपूर्ण और बड़ी भूमिका देश के शिक्षकों की ही है।

मोतिहारी से हिमांशु की रिपोर्ट