टुकुर-टुकुर ताकते रह गए माननीय और जनता... सीएम के लाइव इवेंट में टीवी पड़ा ठप, मोतीहारी में भारी अव्यवस्था पर भड़के विधायक

Bihar News: बिहार सरकार की एक बेहद महत्वाकांक्षी योजना का उद्घाटन समारोह उस वक्त मजाक बनकर रह गया, जब मुख्यमंत्री के लाइव प्रसारण के लिए लगाया गया टीवी ऐन वक्त पर दगा दे गया। ...

भारी अव्यवस्था पर भड़के विधायक- फोटो : reporter

 Bihar News: बिहार सरकार की एक बेहद महत्वाकांक्षी योजना का उद्घाटन समारोह उस वक्त मजाक बनकर रह गया, जब मुख्यमंत्री के लाइव प्रसारण के लिए लगाया गया टीवी ऐन वक्त पर दगा  दे गया। वाकया पूर्वी चंपारण के पीपरा कोठी प्रखंड का है। यहां राजकीय डिग्री कॉलेज के उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर पहुंचे स्थानीय बीजेपी विधायक और वहां मौजूद सैकड़ों छात्र-छात्राएं व अभिभावक टीवी स्क्रीन को टुकुर-टुकुर निहारते रह गए, लेकिन स्क्रीन पर अंधेरा ही छाया रहा।इस प्रशासनिक लापरवाही पर बेबस विधायक की लाचारी और गुस्से का एक वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे लेकर लोग जिला प्रशासन को जमकर ट्रोल कर रहे हैं।

उद्घाटन स्थल पर अव्यवस्था का आलम देखकर विधायक जी का पारा चढ़ गया। वे ऑन-कैमरा ही किसी बड़े अधिकारी को फोन लगाकर अपनी विवशता और नाराजगी जाहिर करते सुने जा रहे हैं।विधायक जी की जुबानी (फोन पर): "अधिकारी साहब! हमें इस बड़े उद्घाटन कार्यक्रम की सूचना कल रात 9 बजे दी गई। लाइव कार्यक्रम के नाम पर डीईओ (जिला शिक्षा पदाधिकारी) कार्यालय का कोई कर्मचारी यहां एक पुराना कबाड़ टीवी रखकर चला गया। अब यहां डीईओ भी नदारद हैं और टीवी चल ही नहीं रहा है! मुख्यमंत्री जी का लाइव प्रोग्राम लोग कैसे देखेंगे? सब तमाशा देख रहे हैं।

इस दौरान जब विधायक ने कॉलेज के प्रिंसिपल को फोन पर बात कराई, तो प्रिंसिपल ने भी पोल खोलते हुए कहा कि स्कूल में न तो वाई-फाई का कोई इंतजाम किया गया और न ही इंटरनेट की कोई कनेक्टिविटी दी गई। सिर्फ एक पुरानी टीवी लाकर टेबल पर सजा दी गई थी।

बिहार सरकार ने उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए सूबे के 211 प्रखंडों में एक साथ डिग्री कॉलेजों का शुभारंभ किया है, जिसके तहत आज से ही नामांकन की प्रक्रिया भी शुरू होनी थी। इसी कड़ी में मोतीहारी जिला के 15 प्रखंडों में भी युद्ध स्तर पर तैयारियां की गई थीं।ग्रामीण इलाकों में डिग्री कॉलेज खुलने की खुशी में भारी तादाद में छात्र-छात्राएं और उनके अभिभावक पहुंचे थे। उन्हें उम्मीद थी कि वे सूबे के मुखिया का संबोधन लाइव सुनेंगे। लेकिन प्रशासनिक उदासीनता और लापरवाही के चलते जनता को बिना लाइव कार्यक्रम देखे ही मन मसोसकर घर लौटना पड़ा।हालांकि, न्यूज़4नेशन इस वायरल वीडियो की आधिकारिक पुष्टि नहीं करता है, लेकिन सोशल मीडिया के प्लेटफॉर्म्स पर यह वीडियो जबरदस्त तरीके से ट्रेंड कर रहा है और जितने मुंह, उतनी बातें सुनने को मिल रही हैं। लोग इसे शिक्षा विभाग की कागजी तैयारियों की हकीकत बता रहे हैं।

रिपोर्ट- हिमांशु कुमार