मोतिहारी में बड़ा आर्म्स सिंडिकेट ध्वस्त: अत्याधुनिक पिस्तौल और नेपाली करेंसी के साथ महिला तस्कर गिरफ्तार
मोतिहारी पुलिस ने ढाका थाना के बरेवा गांव में छापेमारी कर अंतर्राज्यीय हथियार तस्कर गिरोह का भंडाफोड़ किया है। एसपी स्वर्ण प्रभात के निर्देश पर हुई इस कार्रवाई में अत्याधुनिक पिस्टल, कारतूस और नेपाली मुद्रा के साथ दो महिला तस्करों को गिरफ्तार किया
बिहार के मोतिहारी पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए हथियारों की तस्करी के बड़े नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया है। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि एक अंतर्राज्यीय गिरोह का सरगना हथियारों की बड़ी खेप के साथ जिले में पहुंचा है। इस सूचना पर एसपी स्वर्ण प्रभात ने तत्काल संज्ञान लेते हुए सिकरहना डीएसपी उदय शंकर के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया। टीम ने ढाका थाना क्षेत्र के बरेवा गांव में छापेमारी कर सप्लाई से पहले ही हथियारों के जखीरे को बरामद कर लिया।
भारी मात्रा में हथियार और विदेशी मुद्रा बरामद
पुलिस टीम ने योजनाबद्ध तरीके से बरेवा निवासी खुर्शीद आलम के घर पर दबिश दी। इस सघन तलाशी अभियान के दौरान पुलिस को दो अत्याधुनिक पिस्टल, एक देशी बंदूक, भारी मात्रा में जिंदा कारतूस और मैगजीन मिली। इसके अलावा मौके से नेपाली रुपया भी बरामद किया गया है, जो इस गिरोह के तार अंतरराष्ट्रीय सीमा से जुड़े होने की ओर संकेत करता है। पुलिस ने हथियारों की इस खेप को तुरंत जब्त कर लिया है।
दो महिला तस्कर गिरफ्तार, कई खुलासे
इस मामले में पुलिस ने मौके से दो महिलाओं, संजीदा खातून और जहिमा खातून को गिरफ्तार किया है। पूछताछ के दौरान इन महिलाओं ने पुलिस के समक्ष गिरोह के कार्य करने के तरीकों और नेटवर्क से जुड़े कई अहम राज उगले हैं। उनकी निशानदेही पर पुलिस अब तस्करी में शामिल अन्य मुख्य अपराधियों की तलाश में जुट गई है। पकड़ी गई महिलाओं से मिली जानकारी गिरोह के पूरे सिंडिकेट को समझने में काफी मददगार साबित हो रही है।
फरार अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी
पुलिस इस कांड के मुख्य आरोपियों, जिनमें खुर्शीद आलम, मो. आरिफ, साजिद और नेक अहमद शामिल हैं, की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है। इस सफल अभियान में डीएसपी उदय शंकर के साथ इंस्पेक्टर धनन्जय कुमार निर्दोष, थानाध्यक्ष राजरूप राय और एसटीएफ के अधिकारी शामिल थे। पुलिस का दावा है कि जल्द ही गिरोह के शेष सदस्यों को भी सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा।
रिपोर्ट- हिमांशु कुमार