Bihar Education News: वेतन घोटाले के बाद शिक्षा विभाग सख्त, DEO के पत्र से शिक्षकों में इस कारण मचा है हड़कंप

Bihar Education News: शिक्षा विभाग में करीब 60 लाख रुपये के वेतन घोटाले का पर्दाफाश होने के बाद महकमे में खलबली मची हुई है।

वेतन घोटाले के बाद शिक्षा विभाग सख्त- फोटो : X

Motihari: जिले के शिक्षा विभाग में करीब 60 लाख रुपये के वेतन घोटाले का पर्दाफाश होने के बाद महकमे में खलबली मची हुई है। सरकारी खजाने से वेतन मद की राशि में कथित फर्जीवाड़ा कर लाखों रुपये का गबन किए जाने का मामला सामने आने के बाद अब शिक्षा विभाग ने सभी कोटि के शिक्षकों और शिक्षकेत्तर कर्मियों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) राजन गिरी ने पत्र जारी कर स्पष्ट हिदायत दी है कि जिन शिक्षकों के बैंक खाते में वेतन मद से निर्धारित राशि से अधिक भुगतान हुआ है, वे स्वयं इसकी जांच करें और अतिरिक्त रकम सरकारी खाते में वापस जमा कराएं। ऐसा नहीं करने वालों के खिलाफ जांच में गड़बड़ी उजागर होने पर कठोर अनुशासनिक एवं कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

DEO के पत्र से शिक्षकों में मचा हड़कंप

जिला शिक्षा पदाधिकारी राजन गिरी की ओर से जारी निर्देश में नियमित शिक्षक, विशिष्ट शिक्षक, विद्यालय अध्यापक और स्थानीय निकाय शिक्षकों सहित सभी श्रेणियों के कर्मियों को अपने वेतन भुगतान का मिलान करने को कहा गया है। विभाग ने वित्त विभाग के पत्रांक-9544, दिनांक 09.10.2025 तथा निदेशक (प्रशासन) के पत्रांक-2072 के आलोक में वेतन भुगतान का सत्यापन शुरू कराया है।DEO ने निर्देश दिया है कि सभी शिक्षक अपने सैलरी स्टेटमेंट  की बारीकी से जांच करें और यह सुनिश्चित करें कि उनके खाते में किसी भी मद से अतिरिक्त राशि का भुगतान तो नहीं हुआ है। यदि निर्धारित वेतन से अधिक रकम मिली है तो नियमित शिक्षक, विशिष्ट शिक्षक और विद्यालय अध्यापक को कोषागार चालान के माध्यम से राशि जमा करनी होगी। वहीं, स्थानीय निकाय शिक्षकों को संबंधित कार्यालय के लिपिक से संपर्क कर निर्धारित खाते में अतिरिक्त राशि वापस करनी होगी।विभाग ने दो टूक कहा है कि अतिरिक्त राशि की वापसी नहीं करने और जांच में गड़बड़ी पकड़े जाने पर संबंधित कर्मियों के विरुद्ध कठोर अनुशासनिक और विधिक कार्रवाई की जाएगी।

HRMS में सेंधमारी कर पत्नी और बहन के खाते में भेजे 60 लाख

गौरतलब है कि जिले में वेतन घोटाले का मामला तब उजागर हुआ, जब डीपीओ स्थापना कार्यालय में प्रतिनियुक्त एक शिक्षक और एक डाटा ऑपरेटर पर HRMS पोर्टल में कथित हेराफेरी कर सरकारी राशि की निकासी करने का आरोप सामने आया। आरोप है कि दोनों ने फर्जीवाड़े के जरिए अपनी पत्नी, बहन और अन्य खातों में करीब 60 लाख रुपये की सरकारी राशि ट्रांसफर कर दी। यह खेल वर्ष 2024 से 2026 तक लगातार चलता रहा।

मामले का खुलासा होने के बाद शिक्षा विभाग में अफरातफरी मच गई। डीपीओ की ओर से दोनों आरोपित कर्मियों के विरुद्ध नगर थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई। इसके साथ ही दोनों के खिलाफ निलंबन और बर्खास्तगी की कार्रवाई भी की गई है।

पुलिस ने घोषित किया 10-10 हजार रुपये का इनाम

प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस ने भी मामले में कार्रवाई तेज कर दी है। दोनों नामजद आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए पुलिसिया दबिश बढ़ाई गई है। फरार आरोपितों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के लिए पुलिस ने दोनों पर 10-10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है।

नियोजित और विशिष्ट शिक्षक के दोहरे वेतन भुगतान की भी चर्चा

इस पूरे प्रकरण के बीच जिले में एक और चर्चा जोर पकड़ रही है। बताया जा रहा है कि कुछ शिक्षकों द्वारा कथित तौर पर नियोजित और विशिष्ट शिक्षक, दोनों मदों से वेतन की राशि उठाने का मामला भी हो सकता है। इसमें अधिकारियों और कर्मियों की मिलीभगत की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, इस संबंध में विभागीय जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।फिलहाल DEO के सख्त निर्देश के बाद शिक्षकों के बीच बेचैनी बढ़ गई है। अब सबकी निगाहें विभागीय जांच पर टिकी हैं कि वेतन भुगतान में हुई गड़बड़ियों की जद में कौन-कौन आता है और सरकारी खजाने से निकाली गई अतिरिक्त राशि की कितनी वसूली हो पाती है।

रिपोर्ट- हिमांशु कुमार