Bihar Crime: SP ने गश्ती टीम को किया सस्पेंड, SBI में सेंध मामले मे खाकी पर गिरी गाज, चोरों की तलाश में SIT मैदान में
Bihar Crime:पुलिस कप्तान ने गश्ती दल में शामिल पदाधिकारी, सुरक्षा कर्मियों और संबंधित चौकीदार को निलंबित कर दिया। यह कार्रवाई साफ संकेत है कि सुरक्षा में लापरवाही बरतने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
Bihar Crime: पूर्वी चंपारण के मोतिहारी में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की शाखा में हुई सेंधमारी की कोशिश ने न सिर्फ बैंक सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी, बल्कि पुलिस महकमे में भी भूचाल ला दिया। रात के अंधेरे में चोर बैंक तक पहुंच गए, ताले तोड़े, खिड़की तोड़ी और बैंक के भीतर घुसने की कोशिश की। हालांकि बदमाश अपने मंसूबों में पूरी तरह कामयाब नहीं हो सके, लेकिन इस वारदात ने पुलिस गश्ती और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
घटना चिरैया थाना क्षेत्र के महुआवा गांव स्थित एसबीआई शाखा की है। बताया जा रहा है कि देर रात कुछ शातिर चोर बैंक परिसर में दाखिल हुए। पहले उन्होंने बैंक की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया और फिर सुनियोजित तरीके से ताले और खिड़कियों को निशाना बनाया। बदमाश बैंक के भीतर तक पहुंचने में सफल रहे, लेकिन लॉकर तक उनकी पहुंच नहीं हो सकी। सुबह जब घटना का खुलासा हुआ तो बैंक प्रबंधन और पुलिस अधिकारियों के बीच हड़कंप मच गया।
घटना की गंभीरता को देखते हुए मोतिहारी एसपी स्वर्ण प्रभात ने तत्काल सख्त रुख अपनाया। पुलिस कप्तान ने गश्ती दल में शामिल पदाधिकारी, सुरक्षा कर्मियों और संबंधित चौकीदार को निलंबित कर दिया। यह कार्रवाई साफ संकेत है कि सुरक्षा में लापरवाही बरतने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
सूत्रों के अनुसार एसपी ने मामले की तह तक पहुंचने के लिए सिकरहना डीएसपी के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल का गठन किया है। यह टीम चोरी की कोशिश के पीछे शामिल अपराधियों की पहचान करने, उनकी गतिविधियों और संभावित नेटवर्क की जांच करेगी।जांच के दौरान एक और चौंकाने वाली बात सामने आई है। बैंक में चोरी की कोशिश के बावजूद सुरक्षा अलार्म नहीं बजा। यही वजह है कि पुलिस और बैंक प्रशासन अब इस पहलू की भी गहराई से जांच कर रहे हैं। सवाल उठ रहा है कि आखिर बैंक की सुरक्षा प्रणाली उस वक्त क्यों नहीं सक्रिय हुई, जब ताले और खिड़कियां तोड़ी जा रही थीं।
प्रथम दृष्टया पुलिस का मानना है कि वारदात में किसी स्थानीय गिरोह का हाथ हो सकता है। अधिकारियों का कहना है कि चोरों को बैंक की बनावट और आसपास के इलाके की अच्छी जानकारी थी। यही कारण है कि वे बिना किसी शोर-शराबे के बैंक तक पहुंचने में सफल रहे।घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्यों, टूटे ताले, खिड़कियों और सीसीटीवी फुटेज की मदद से अपराधियों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। तकनीकी टीम भी बैंक परिसर और आसपास के कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाल रही है।
पुलिस अधिकारियों का दावा है कि यह चोरी नहीं बल्कि चोरी का असफल प्रयास है, क्योंकि बैंक के सभी लॉकर सुरक्षित पाए गए हैं। बावजूद इसके, इस वारदात ने बैंक सुरक्षा और रात्रि गश्ती व्यवस्था की कमजोरियों को उजागर कर दिया है।अब पूरे जिले की निगाहें एसआईटी की जांच पर टिकी हैं। सवाल यह है कि आखिर खाकी की आंखों में धूल झोंककर बैंक तक पहुंचने वाले ये शातिर कौन हैं और कब तक कानून के शिकंजे में आएंगे। फिलहाल मोतिहारी पुलिस अपराधियों की तलाश में लगातार दबिश दे रही है और जल्द बड़े खुलासे की उम्मीद जताई जा रही है।
रिपोर्ट- हिमांशु कुमार