थानेदार निलंबित, अपराधी से WhatsApp चैट, गिफ्ट और रिश्वत के खेल के खुसासे के बाद एक्शन, पुलिस महकमे में हड़कंप

Bihar SHO Suspended: थानेदार को निलंबित कर दिया है। एसएचओ पर जेल में बंद एक कुख्यात अपराधी से कथित साठगांठ, व्हाट्सएप पर बातचीत, गिफ्ट लेने और केस में मदद के नाम पर रिश्वतखोरी जैसे गंभीर आरोप लगे थे।...

थानेदार निलंबित- फोटो : social Media

Bihar SHO Suspended: मोतिहारी में एक बार फिर खाकी की साख सवालों के घेरे में आ गई है। चंपारण रेंज के डीआईजी हरिकिशोर राय ने बड़ी कार्रवाई करते हुए लखौरा थाना प्रभारी प्रवीण कुमार को निलंबित कर दिया है। उन पर जेल में बंद एक कुख्यात अपराधी से कथित साठगांठ, व्हाट्सएप पर बातचीत, गिफ्ट लेने और केस में मदद के नाम पर रिश्वतखोरी जैसे गंभीर आरोप लगे थे। डीआईजी की प्रारंभिक जांच में आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए जाने के बाद यह कार्रवाई की गई। हालांकि मामले की विस्तृत जांच अभी जारी है।

जानकारी के मुताबिक, कई आपराधिक मामलों में जेल में बंद राहुल सिंह के एक रिश्तेदार ने डीआईजी को आवेदन देकर थानेदार के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के साथ व्हाट्सएप चैट, फोटो और अन्य डिजिटल साक्ष्य भी सौंपे गए थे। आरोप था कि थाना प्रभारी अपराधी से लगातार संपर्क में थे, केस में राहत दिलाने के बदले नज़राना लेते थे और महंगे तोहफे भी स्वीकार करते थे। जांच के दौरान मिले इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर डीआईजी ने थानेदार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।

इस कार्रवाई के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की तह तक पहुंचने के लिए सभी डिजिटल रिकॉर्ड और वित्तीय लेन-देन की भी जांच की जा रही है। यदि आगे की जांच में और सबूत मिलते हैं तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

 मोतिहारी पुलिस पहले से ही तुरकौलिया थाना में कथित 35 लाख रुपये की रिश्वत और जब्ती मामले को लेकर विवादों में घिरी हुई है। उस प्रकरण में भी थाना प्रभारी को निलंबित किया जा चुका है, जबकि अन्य पुलिस अधिकारियों और कथित दलालों की जांच ईओयू तथा एसपी की विशेष टीम कर रही है।

एक ओर जिला पुलिस अपराधियों, शराब माफिया और ड्रग्स तस्करों के खिलाफ लगातार अभियान चला रही है, वहीं दूसरी ओर कुछ पुलिसकर्मियों पर लग रहे ऐसे गंभीर इल्जाम पूरे महकमे की छवि पर सवाल खड़े कर रहे हैं। अब सबकी नजर इस बात पर है कि जांच में और कौन-कौन बेनकाब होता है और दोषियों पर कितनी सख्त कार्रवाई होती है।

रिपोर्ट- हिमांशु कुमार