मोतिहारी में एसपी की बड़ी कार्रवाई: 10 पुलिसकर्मी को एक साथ किया संस्पेंड, मचा हड़कंप

Bihar News ; पुलिस महकमे में भ्रष्टाचार और अनुशासनहीनता के खिलाफ मोतिहारी एसपी स्वर्ण प्रभात ने अबतक की सबसे बड़ी और सख्त कार्रवाई की है। एसपी ने एक साथ 10 पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है...

Motihari : पूर्वी चंपारण जिले से एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां पुलिस महकमे में भ्रष्टाचार और अनुशासनहीनता के खिलाफ एसपी स्वर्ण प्रभात ने अब तक की सबसे बड़ी और सख्त कार्रवाई की है। न्यायालय (कोर्ट) में बंदियों और कैदियों की पेशी के दौरान पुलिसकर्मियों द्वारा रिश्वत लेकर उनके खास लोगों से अवैध मुलाकात कराने के खेल का भंडाफोड़ हुआ है। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी स्वर्ण प्रभात ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ड्यूटी पर तैनात एक साथ 10 पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। इस बड़ी कार्रवाई से पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।


गुप्त सूचना पर एसपी ने बिछाया जाल, डीएसपी की जांच में सच साबित हुए आरोप

जानकारी के अनुसार, एसपी स्वर्ण प्रभात को लगातार यह गोपनीय सूचना मिल रही थी कि उपकारा और मंडल कारा से कोर्ट परिसर में पेशी के लिए लाए जाने वाले कैदियों को वहां तैनात सुरक्षाकर्मी नियमों को ताक पर रखकर सहूलियतें दे रहे हैं। पुलिसकर्मी चंद रुपयों के निजी स्वार्थ, प्रलोभन और रिश्वत के चक्कर में आकर गंभीर अपराधियों और कैदियों को उनके विशेष चहेते व्यक्तियों, अज्ञात महिलाओं तथा परिजनों से एकांत में मिलवा रहे थे। इस सूचना के बाद एसपी ने मामले की गुप्त जांच डीएसपी (रिजर्व) स्तर से कराई। डीएसपी की औचक जांच में पुलिस और कैदियों के बीच चल रहा यह सेटिंग का खेल पूरी तरह उजागर हो गया और आरोप शत-प्रतिशत सत्य पाए गए।


एसपी स्वर्ण प्रभात की सख्त चेतावनी— संदिग्ध आचरण किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं

जांच रिपोर्ट में आरोपों की पुष्टि होने के बाद इसे पुलिस मैनुअल का उल्लंघन, विभाग की गरिमा के खिलाफ और बेहद गंभीर अनुशासनहीनता माना गया। इसके तुरंत बाद शुक्रवार को एसपी ने सभी 10 दोषी पुलिसकर्मियों को सस्पेंड करने का आदेश जारी कर दिया। इसके साथ ही इन सभी के खिलाफ विभागीय जांच और कड़ा अनुशासनात्मक एक्शन भी शुरू कर दिया गया है। एसपी स्वर्ण प्रभात ने कड़े शब्दों में साफ कहा है कि पुलिस विभाग में किसी भी स्तर पर मनमानी, स्वेच्छाचारिता, भ्रष्टाचार और संदिग्ध आचरण को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जो भी खाकी को दागदार करेगा, उस पर ऐसी ही गाज गिरेगी।


कोर्ट सुरक्षा और पुलिस लाइन के जवानों में मची खलबली

इस सामूहिक निलंबन की कार्रवाई के बाद मोतिहारी पुलिस लाइन और कोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था में तैनात अन्य जवानों और अधिकारियों के बीच खलबली मची हुई है। कोर्ट परिसर जैसी संवेदनशील जगह पर कैदियों की इस तरह खुलेआम मुलाकात कराने से फरार होने या किसी बड़ी आपराधिक साजिश को अंजाम देने का खतरा भी बना रहता था। इस घटना के बाद कोर्ट हाजत और सुरक्षा घेरे को नए सिरे से चुस्त-दुरुस्त करने और सीसीटीवी कैमरों के जरिए कड़ी निगरानी रखने का निर्देश दिया गया है ताकि भविष्य में ऐसी लापरवाही दोबारा न हो सके।


इन 10 पुलिसकर्मियों पर गिरी निलंबन की गाज:

एसपी द्वारा जारी आधिकारिक सूची के अनुसार, निलंबित किए गए पुलिसकर्मियों में तीन हवलदार और सात सिपाही शामिल हैं, जिनके नाम और बैच नंबर इस प्रकार हैं:

  • हवलदार-97 राम कुमार यादव
  • हवलदार-78 मनमोहन शर्मा
  • हवलदार-124 रंजीत कुमार सिंह
  • सिपाही-1534 सदानंद कुमार
  • सिपाही-719 ललटू कुमार
  • सिपाही-2336 अदालत कुमार
  • सिपाही-270 आदित्य कुमार
  • सिपाही-2219 संदीप कुमार
  • सिपाही-1006 रघुन कुमार
  • सिपाही-2509 संतोष कुमार आनंद


हिमांशु की रिपोर्ट