Bihar News : मोतिहारी एसपी ने अपराधियों पर कसा शिकंजा, 2025 में सजा दिलाने का टूटा रिकॉर्ड, हत्या और ड्रग्स तस्करों को दोगुना स्पीड से मिली सजा

Bihar News :मोतिहारी एसपी की ताबड़तोड़ कार्रवाई से 2025 में सजा दिलाने का रिकॉर्ड टूट गया है......पढ़िए आगे

एसपी की कार्रवाई - फोटो : HIMANSHU

MOTIHARI : पूर्वी चंपारण के पुलिस अधीक्षक (SP) स्वर्ण प्रभात के नेतृत्व में जिले की पुलिस अपराधियों, ड्रग्स तस्करों और शराब माफियाओं की कमर तोड़ने के लिए लगातार 'कानूनी हथौड़े' से प्रहार कर रही है। एसपी के कड़े रुख का असर यह है कि अपराधी अब सात समंदर पार भी सुरक्षित नहीं हैं और पुलिस उन्हें ढूंढकर सलाखों के पीछे भेज रही है। वर्ष 2025 में पुलिस की सक्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि एसपी के निर्देश पर चार बार विशेष अभियान चलाकर 1000 से अधिक फरार अपराधियों और माफियाओं के घरों की कुर्की-जब्ती की गई।

पुलिस के इस 'कुर्की एक्शन' का खौफ अपराधियों में इस कदर व्याप्त है कि सैकड़ों की संख्या में वांछित अपराधियों ने खुद ही कोर्ट और थानों में सरेंडर कर दिया है। इसी दौरान एक बेहद रोचक मामला भी सामने आया, जहाँ पुलिस की पकड़ से बचने के लिए एक अपराधी एम्बुलेंस में मरीज बनकर कोर्ट पहुँचा और सरेंडर किया। एसपी स्वर्ण प्रभात ने स्पष्ट संदेश दिया है कि अपराध का रास्ता चुनने वालों के पास अब केवल दो ही विकल्प हैं—या तो वे अपराध छोड़ दें या फिर सलाखों के पीछे जाने को तैयार रहें।

एसपी द्वारा जारी किए गए पिछले चार वर्षों के 'रिपोर्ट कार्ड' ने पुलिस की कार्यकुशलता की नई गाथा लिखी है। आंकड़ों के अनुसार, 2022, 2023 और 2024 की तुलना में वर्ष 2025 में अपराधियों और तस्करों को सजा दिलाने (स्पीडी ट्रायल) की रफ्तार दोगुनी से भी अधिक रही है। 2025 में पुलिस ने हत्या के 67 और ड्रग्स तस्करी के 48 मामलों सहित कुल 13,499 अपराधियों को सजा दिलवाई है। यह आंकड़ा पिछले चार वर्षों के सभी रिकॉर्ड तोड़ते हुए एक नया कीर्तिमान स्थापित कर चुका है।

तुलनात्मक आंकड़ों पर नजर डालें तो वर्ष 2022 में हत्या के 36 और ड्रग्स तस्करी के 16 मामलों सहित कुल 4283 अपराधियों को सजा मिली थी। वहीं, 2023 में 7220 और 2024 में 7756 अपराधियों को सजा दिलाई गई थी। 2025 में यह संख्या बढ़कर 13,499 तक पहुँच गई, जो पुलिस की अभियोजन प्रणाली में आए क्रांतिकारी बदलाव को दर्शाती है। न केवल अपराधियों पर, बल्कि वर्षों से लंबित कांडों पर कुंडली मारकर बैठे लापरवाह पुलिस पदाधिकारियों पर भी एसपी ने कार्रवाई कर फाइलों के निपटारे (डिस्पोजल) की रफ्तार को दोगुना कर दिया है।

मोतिहारी पुलिस की इस आक्रामक कार्रवाई से जिले के जरायम जगत में हड़कंप मचा हुआ है। एसपी स्वर्ण प्रभात ने बताया कि हत्या और ड्रग्स तस्करी जैसे जघन्य अपराधों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि समाज में शांति व्यवस्था बनी रहे। पुलिस का यह विशेष अभियान 2026 में भी जारी रहने की संभावना है। प्रशासन के इस सख्त रवैये से आम जनता ने राहत की सांस ली है, जबकि कानून तोड़ने वालों के बीच अब पुलिस के नाम का खौफ साफ देखा जा सकता है।

हिमांशु की रिपोर्ट