Bihar News: CM के ड्रीम प्रोजेक्ट पर भ्रष्टाचार का बुलडोजर, 60 दिन में उखड़ गई सड़क, भरभराकर टूटी पुलिया
Bihar News: मुख्यमंत्री ग्राम संपर्क योजना के तहत बनी सड़क और पुलिया महज दो महीने के भीतर ही बदहाल हो गई है।....
Bihar News: मुख्यमंत्री ग्राम संपर्क योजना के तहत बनी सड़क और पुलिया महज दो महीने के भीतर ही बदहाल हो गई है। पूर्वी चंपारण के पताही प्रखंड में मुख्यमंत्री ग्राम संपर्क योजना के तहत बनी सड़क और पुलिया महज दो महीने के भीतर ही बदहाल हो गई है। जिस सड़क को ग्रामीण विकास और बेहतर संपर्क का प्रतीक बताया जा रहा था, वह अब भ्रष्टाचार और घटिया निर्माण की मिसाल बनकर खड़ी है। सड़क की परतें उखड़ रही हैं, पुलिया में दरारें पड़ गई हैं और कई जगहों पर निर्माण सामग्री बिखरती दिखाई दे रही है। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिस पर लोग जमकर तंज कस रहे हैं।
मामला पताही प्रखंड के परसौनी कपूर से बोकाने कला पंचायत को जोड़ने वाली मुख्यमंत्री ग्राम संपर्क योजना सड़क का है। जानकारी के अनुसार शिव मंदिर से रामपुर मनोरथ तक करीब 1.8 किलोमीटर लंबी सड़क और पुलिया का निर्माण कराया गया था। लेकिन निर्माण कार्य पूरा होने के लगभग 60 दिनों के भीतर ही सड़क की गुणवत्ता की पोल खुल गई। सड़क के बीचों-बीच गहरी दरारें उभर आई हैं, जबकि पुलिया के हिस्सों में भी टूट-फूट साफ दिखाई दे रही है।
ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्य में मानकों की खुलेआम अनदेखी की गई और घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया। लोगों का कहना है कि सड़क और पुलिया की हालत देखकर ऐसा नहीं लगता कि इस पर करोड़ों रुपये खर्च किए गए होंगे। स्थानीय लोगों के मुताबिक निर्माण एजेंसी और विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से गुणवत्ता से समझौता किया गया, जिसका नतीजा आज सबके सामने है।सबसे बड़ा सवाल पारदर्शिता को लेकर भी उठ रहा है। निर्माण स्थल पर लगाए गए सरकारी सूचना बोर्ड में योजना की प्राक्कलित राशि का उल्लेख नहीं है। ऐसे में ग्रामीण पूछ रहे हैं कि आखिर कितनी लागत से यह सड़क बनाई गई और किस आधार पर निर्माण कार्य की गुणवत्ता को संतोषजनक मानकर भुगतान कर दिया गया।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में सड़क की ऊपरी परत हाथ से उखड़ती दिखाई दे रही है। वीडियो सामने आने के बाद लोग तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कई लोगों ने इसे भ्रष्टाचार की सड़क बताया है तो कुछ ने कहा कि यह जनता के पैसे की खुली बर्बादी है। लोगों का आरोप है कि बिना समुचित जांच और गुणवत्ता परीक्षण के ही ठेकेदार को भुगतान कर दिया गया।ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते इस सड़क और पुलिया की तकनीकी जांच नहीं कराई गई तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा हो सकता है। अब स्थानीय लोगों ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कर दोषी अधिकारियों और ठेकेदारों पर कार्रवाई की मांग की है।
रिपोर्ट- हिमांशु कुमार