बिहार के काशी सोमेश्वरनाथ मंदिर में श्रावणी मेला की तैयारियां तेज: तीन लेयर में होगी सुरक्षा, खुलेगा अस्थायी ट्रैफिक थाना

बिहार के काशी सोमेश्वरनाथ मंदिर में श्रावणी मेला की तैयारियां तेज- फोटो : हिमांशु

Motihari  : बिहार के काशी के रूप में विख्यात अरेराज स्थित मनोकामना पूरक बाबा सोमेश्वरनाथ महादेव मंदिर में आगामी 31 जुलाई से एक माह तक चलने वाले ऐतिहासिक श्रावणी मेला 2026 की तैयारियां प्रशासनिक स्तर पर तेज हो गई हैं। मेले के दौरान देश-विदेश (विशेषकर पड़ोसी देश नेपाल और उत्तर प्रदेश) से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा को लेकर अरेराज अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) अंजली शर्मा, डीसीएलआर (DCLR) इति चतुर्वेदी और डीएसपी (DSP) रंजन कुमार की संयुक्त अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक संपन्न हुई।


जाम से मुक्ति के लिए अतिक्रमण हटाओ अभियान और ड्रॉप गेट

मेला क्षेत्र में हर वर्ष लगने वाले भीषण जाम की समस्या से श्रद्धालुओं को निजात दिलाने के लिए एसडीओ ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने अंचलाधिकारी (CO), कार्यपालक पदाधिकारी (EO) और थानाध्यक्ष (SHO) को श्रावणी मेला शुरू होने से पूर्व मुख्य चौक से लेकर जनेरवा तक और मुख्य चौक से मंदिर तक सड़क के दोनों किनारों को पूरी तरह अतिक्रमणमुक्त करने का सख्त निर्देश दिया है। इसके साथ ही, डीएसपी के प्रस्ताव पर इस बार हरदिया चौक पर भी ड्रॉप गेट लगाया जाएगा और भारी वाहनों के लिए हरदिया, धर्मदास पोखर, और भैरव स्थान रोड में पड़ाव स्थल (पार्किंग) चिन्हित किए गए हैं।


तीन लेयर में मुकम्मल सुरक्षा और सीसीटीवी से निगरानी

डीएसपी रंजन कुमार ने सुरक्षा खाका साझा करते हुए बताया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए इस बार 'थ्री-लेयर' (तीन स्तरीय) मुकम्मल सुरक्षा व्यवस्था रहेगी। असामाजिक तत्वों पर नकेल कसने के लिए सादे लिबास में पुलिस के जवान शहर के चप्पे-चप्पे पर तैनात रहेंगे। मंदिर के प्रवेश द्वारों पर मेटल डिटेक्टर गेट लगाए जाएंगे और पूरे मेला क्षेत्र व शहर की गतिविधि पर सीसीटीवी (CCTV) कैमरों के जरिए पैनी नजर रखी जाएगी। इसके अलावा, यातायात व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए एक अस्थायी ट्रैफिक थाना भी खोला जाएगा।


चकाचक होगी लाइटिंग, जर्जर बिजली तारों को दुरुस्त करने का अल्टीमेटम

श्रद्धालुओं को बेहतर नागरिक सुविधाएं मुहैया कराने के लिए पूरे शहर को चकाचक करने, बेहतरीन लाइटिंग, शुद्ध पेयजल, और पड़ाव स्थलों पर अस्थायी शौचालय व मूत्रालय निर्माण का जिम्मा पीएचईडी (PHED) और नगर परिषद के ईओ को सौंपा गया है। वहीं, विद्युत विभाग के एसडीओ को एक सप्ताह के भीतर पूरे शहर और मंदिर परिसर में फैले जर्जर तारों, पोल और वायरिंग को दुरुस्त कर 'अनापत्ति प्रमाण पत्र' (NOC) जमा करने का अल्टीमेटम दिया गया है।


जनप्रतिनिधियों और मंदिर प्रबंधन ने उठाए महत्वपूर्ण मुद्दे

बैठक के दौरान नगर अध्यक्ष रनटू पांडेय ने अस्पताल से भैरव स्थान जाने वाली आरडब्लूडी (RWD) सड़क की तत्काल मरम्मत का प्रस्ताव रखा। वहीं, मंदिर के महंत सह महामंडलेश्वर रविशंकर गिरी ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर से परशुरामपुर जाने वाली सड़क को जल्द से जल्द मोटरेबल (चालू योग्य) बनाने की मांग उठाई। अनुमंडलीय अस्पताल की ओर से मंदिर परिसर में ही आपातकालीन (Emergency) चिकित्सा कक्ष बनाने के लिए रूम की मांग की गई, जिसे प्रशासनिक मंजूरी दे दी गई है।


इस महत्वपूर्ण बैठक में मुख्य पार्षद अमितेश पांडेय, उपमुख्य पार्षद अहमद आजाद अली, बीडीओ आदित्य दीक्षित, सीओ विनोद पांडेय, और बरियारपुर/अरेराज की थानाध्यक्ष प्रत्याशा कुमारी सहित अनुमंडल के सभी बीडीओ, सीओ और थाना प्रभारी मौजूद थे।

हिमांशु की रिपोर्ट