Bihar News : अपराधियों की उम्र घटाकर 'नाबालिग' बनाने वाले रैकेट का भंडाफोड़, फर्जी टीसी जारी करने वाले हेडमास्टर और शिक्षिका गिरफ्तार

Bihar News : मोतीहारी में पुलिस ने बड़ा फर्जीवाड़ा का खुलासा किया है।अपराधियो का कम उम्र बनाकर फर्जी टीसी बनाने वाले रैकेट का खुलासा किया है ।

हेडमास्टर और शिक्षिका गिरफ्तार- फोटो : SOCIAL MEDIA

MOTIHARI : बिहार के पूर्वी चम्पारण (मोतिहारी) जिले में पुलिस ने एक ऐसे बड़े और शातिर फर्जीवाड़े का पर्दाफाश किया है, जो गंभीर मामलों के अपराधियों को कानूनी राहत दिलाने के लिए उनकी उम्र घटाकर 'नाबालिग' (किशोर) बना देता था। किशोर न्याय परिषद की सतर्कता के कारण इस खेल का खुलासा हुआ, जिसके बाद नगर थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक सरकारी स्कूल के हेडमास्टर और एक सहायक शिक्षिका को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस की इस बड़ी कार्रवाई से जिले में फर्जी ट्रांसफर सर्टिफिकेट (TC) और अंकपत्र बनाने वाले गिरोहों के बीच हड़कंप मच गया है।

अपहरण और बाइक चोरी के आरोपी को जमानत दिलाने के लिए रचा गया था षड्यंत्र

पूरा मामला चिरैया प्रखंड के अंतर्गत 'राजकीय उत्क्रमित माध्यमिक विद्यालय, परेवा' से जुड़ा है। दरअसल, चिरैया थाना क्षेत्र में वर्ष 2022 में हुए एक लड़की के अपहरण और बाइक चोरी जैसे संगीन मामलों में परेवा गांव निवासी स्वर्गीय बिलट साह का पुत्र भोला कुमार उर्फ भोला साह मोतिहारी केंद्रीय कारागार (जेल) में बंद था। उसे कोर्ट से जमानत दिलाने और 'अल्पवयस्क' होने का न्यायिक लाभ पहुँचाने के लिए एक गहरा षड्यंत्र रचा गया। इसके तहत जेल में बंद शातिर अपराधी का स्कूल से फर्जी प्रमाण पत्र जारी करवा दिया गया, जिसमें उसकी जन्म तिथि 15 मई 2006 अंकित कर दी गई ताकि वह कागजों पर नाबालिग साबित हो सके।

2014 में क्लोज हो चुके रजिस्टर में लाल स्याही के बाद की गई थी बैकडेट एंट्री

किशोर न्याय परिषद के समक्ष जब आरोपी को कथित किशोर बताते हुए शपथ पत्र और स्कूल की नामांकन पंजी (एडमिशन रजिस्टर) प्रस्तुत की गई, तो बोर्ड को संदेह हुआ। जब स्कूल के प्रभारी हेडमास्टर द्वारा लाई गई नामांकन पंजी का गहराई से अवलोकन किया गया, तो कई चौंकाने वाले रहस्य सामने आए। जांच में पाया गया कि उक्त नामांकन पंजी को वर्ष 2014 में ही 'लाल स्याही' चलाकर पूरी तरह क्लोज (बंद) कर दिया गया था। इसके बावजूद, इन लोगों ने क्लोज हो चुके रजिस्टर के अंत में स्याही बदलकर बैकडेट में तीन नए नामांकन दर्ज किए थे, जिसमें अपराधी भोला कुमार का नाम दूसरे नंबर पर चालाकी से जोड़ा गया था।

पूछताछ में शिक्षकों ने कबूला गुनाह, बेंच क्लर्क ने दर्ज कराई FIR

अपराधी की शारीरिक बनावट (हट्टा-कट्टा शरीर) और नामांकन पंजी की हेराफेरी में साफ भिन्नता दिखने पर इस महाफर्जीवाड़े का भंडाफोड़ हो गया। आवश्यक पूछताछ के दौरान पकड़े गए शिक्षकों ने अपनी इस गंभीर गलती को स्वीकार कर लिया है। किशोर न्याय परिषद ने इसे न्याय व्यवस्था के साथ बड़ा खिलवाड़ और गंभीर अपराध माना। इसके बाद बोर्ड के बेंच क्लर्क मोहम्मद शाहिद ने मोतिहारी नगर थाना में एक लिखित प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई, जिसमें कथित किशोर भोला कुमार, हेडमास्टर और प्रभारी हेडमास्टर को नामजद आरोपी बनाया गया।

जेल भेजे गए सुबोध पाठक और रिभा कुमारी, शर्मसार हुआ शैक्षणिक जगत

प्राथमिकी दर्ज होते ही नगर थाना पुलिस ने जाल बिछाकर स्कूल के कक्षा 1 से 8 तक के मुख्य हेडमास्टर सुबोध कुमार पाठक और इसी विद्यालय की सहायक शिक्षिका रिभा कुमारी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, इन दोनों की मिलीभगत से ही इस फर्जीवाड़े को अंजाम दिया गया था। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि इस रैकेट के तार और कहाँ-कहाँ जुड़े हैं तथा इन शिक्षकों ने पहले भी कितने अपराधियों को नाबालिग बनाने का सर्टिफिकेट बेचा है। इस शर्मनाक घटना के बाद चिरैया समेत पूरे मोतिहारी के शैक्षणिक जगत में थू-थू हो रही है। 

हिमांशु की रिपोर्ट