Bihar News : मुंगेर में 5 वर्षीय मासूम के साथ पड़ोसी ने किया दुष्कर्म, महज 7 घंटे में धराया नाबालिग आरोपी, भेजा गया बाल सुधार गृह

Bihar News : मुंगेर में मानवता को शर्मसार करनेवाली घटना सामने आई है. जहाँ 5 वर्षीय मासूम बच्ची के साथ पड़ोसी ने दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया है.......पढ़िए आगे

मासूम से दुष्कर्म - फोटो : IMTIYAZ

MUNGER : बिहार के मुंगेर जिला में एक बेहद ही शर्मनाक और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक पांच वर्ष की मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया गया है। इस घिनौनी घटना ने एक बार फिर समाज में रिश्तों की मर्यादा और आसपास के परिचितों पर आंख मूंदकर भरोसा करने पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए मुंगेर पुलिस ने त्वरित एक्शन लिया और महज सात घंटे के भीतर आरोपी को दबोच लिया। पुलिस ने पीड़िता की मां की लिखित शिकायत पर पोक्सो (POCSO) एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

यह दर्दनाक घटना बीते रविवार की बताई जा रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना के वक्त मासूम बच्ची अपनी वृद्ध दादी के साथ घर पर अकेली थी, जबकि उसकी मां किसी आवश्यक कार्य से घर से बाहर गई हुई थी। इसी दौरान, रिश्ते में लगने वाला एक पड़ोसी 15 वर्षीय नाबालिग युवक उनके घर पहुंचा। उसने दादी को बहला-फुसलाकर बच्ची को थोड़ी दूर घुमाने के बहाने अपने साथ ले गया। घर से कुछ दूरी पर ले जाकर आरोपी ने उस बेजुबान मासूम के साथ बर्बरतापूर्वक दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया और वारदात के बाद बच्ची को तड़पता हुआ छोड़कर मौके से फरार हो गया।

जब बच्ची की मां काम खत्म कर वापस घर लौटी, तो रोती-बिलखती मासूम ने अपनी मां को रो-रोकर पूरी आपबीती सुनाई। बच्ची के मुंह से इस खौफनाक हरकत की बात सुनते ही परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई। परिजनों ने बिना वक्त गंवाए तत्काल स्थानीय थाने को मामले की सूचना दी। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस बल तुरंत मौके पर पहुंचा और पीड़िता की मां के आवेदन पर त्वरित प्राथमिकी (FIR) दर्ज की। इसके बाद, बच्ची को तत्काल आवश्यक प्राथमिक उपचार और मेडिकल जांच के लिए मुंगेर सदर अस्पताल भेजा गया, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की देखरेख में उसका परीक्षण कराया गया।

मामले की गंभीरता और संवेदनशीलता को देखते हुए मुंगेर के पुलिस अधीक्षक सैयद इमरान मसूद ने खुद कमान संभाली। उनके कड़े निर्देश पर खड़गपुर के एसडीपीओ और एफएसएल की फॉरेंसिक टीम को तुरंत घटनास्थल पर भेजा गया। वैज्ञानिक अनुसंधान के तहत एफएसएल की टीम ने मौके से कई महत्वपूर्ण साक्ष्य और नमूने जुटाए। इसके बाद, पुलिस की एक विशेष टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए देर रात संभावित ठिकानों पर छापेमारी की और मुख्य आरोपी नाबालिग को गिरफ्तार कर लिया। कागजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद आरोपी को जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड (किशोरी न्याय परिषद) के समक्ष प्रस्तुत कर बाल सुधार गृह भेज दिया गया है।

इस रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात के बाद से स्थानीय इलाके के लोगों में भारी आक्रोश और शोक की लहर है। इस घटना ने पूरे समाज को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि आज के दौर में बच्चों की सुरक्षा को लेकर माता-पिता और परिवारों को पहले से कहीं अधिक सतर्क रहने की आवश्यकता है। समाजशास्त्रियों और स्थानीय बुद्धिजीवियों का कहना है कि खासकर छोटे बच्चों को कभी भी अकेला छोड़ने या किसी भी परिचित अथवा रिश्तेदार के साथ अकेले भेजने से पहले सौ बार सावधानी बरतना बेहद जरूरी हो गया है, क्योंकि अब रक्षक ही भक्षक बनते जा रहे हैं।

इम्तियाज़ की रिपोर्ट