Bihar News : ‘वर्दी की आड़ में अपहरण का खेल’, उत्पाद विभाग के सिपाही ने शराब के नाम पर डराकर वसूले 16 हजार रूपये, पुलिस ने किया गिरफ्तार

Bihar News : ‘उत्पाद विभाग के सिपाही ने वर्दी की आड़ में चाचा-भतीजे का अपहरण कर लिया. हालाँकि पुलिस ने आरोपी सिपाही को गिरफ्तार कर लिया है......पढ़िए आगे

वर्दी की आड़ में अपहरण - फोटो : IMTIYAZ

MUNGER : मुंगेर मे ईस्ट कॉलोनी थाना क्षेत्र से चाचा–भतीजे के अपहरण और फिरौती वसूली मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में विकास कुमार नामक अभियुक्त को गिरफ्तार किया है, जो मद्य निषेध विभाग में सिपाही के पद पर तैनात है। आरोप है कि विकास कुमार ने अपने विभाग के एक कर्मी के सहयोगियों और दो अन्य व्यक्तियों के साथ मिलकर दो युवकों का अपहरण किया और शराब मामले में फंसाने का भय दिखाकर उनके परिजनों से 16 हजार रुपये की वसूली की। 

एसडीपीओ सदर अभिषेक आनंद ने बताया कि 5 फरवरी को ईस्ट कॉलोनी थाना में अभिषेक कुमार द्वारा आवेदन दिया गया था, जिसमें उसने अपने और 15 वर्षीय भतीजे सत्यमेव कुमार के अपहरण की शिकायत दर्ज कराई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीम का गठन किया गया और तकनीकी अनुसंधान में विकास कुमार की संलिप्तता सामने आई।

पूछताछ के दौरान अभियुक्त ने अपना जुर्म कबूल कर लिया, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। हालांकि, इस कांड में शामिल मद्यनिषेध विभाग का एमटीएस कर्मी नीरज कुमार और दो अन्य आरोपी अभी फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है। एसडीपीओ ने बताया कि गिरफ्तार सिपाही विकास कुमार ने स्वीकार किया है कि 3 फरवरी को वह मद्यनिषेध विभाग के पीएसआई पिंटू कुमार, एसआई रमाकांत कुमार और एमटीएस नीरज कुमार के साथ शराब की तलाश में निकला था। शराब बरामद नहीं होने पर अधिकारी सरकारी वाहन से लौट गए, जबकि विकास कुमार और नीरज कुमार अपने दो अन्य साथियों के साथ आरपीएफ मैदान के पास रुक गए। 

इसी दौरान केशोपुर की ओर से आ रहे दो युवकों को रोककर पूछताछ की गई और फिर उन्हें जबरन मोटरसाइकिल पर बैठाकर धरहरा के घटवारी मैदान ले जाया गया। युवकों को छोड़ने के एवज में 50 हजार रुपये की मांग की गई, जिसमें 16 हजार रुपये मिलने के बाद देर रात दोनों को छोड़ दिया गया। अपहृत अभिषेक कुमार ने बताया कि 3 फरवरी की रात वह अपने भतीजे के साथ टहलने निकले थे। आरपीएफ मैदान के पास चार लोगों ने उन्हें घेर लिया, जाति पूछी और फिर मारपीट शुरू कर दी। इसके बाद जंगल की ओर ले जाकर मोबाइल से घर वालों को कॉल कर 50 हजार रुपये की मांग की गई।

इम्तियाज़ की रिपोर्ट