Bihar Highway: बिहार में जाम से आजादी की राह तैयार! मुंगेर से झारखंड बॉर्डर तक फर्राटा भरेंगी गाड़ियां, 3792 करोड़ के हाईवे पर इस दिन से दौडेंगे वाहन
Bihar Highway: करीब 3792 करोड़ रुपये की लागत से तैयार यह 124.41 किलोमीटर लंबा हाईवे राज्य के ट्रांसपोर्ट नेटवर्क को नई दिशा देने जा रहा है।
Bihar Highway: बिहार के इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में बड़ा बदलाव देखने को मिलने वाला है। मुंगेर से मिर्जा चौकी तक बन रहा 4-लेन ग्रीनफील्ड कॉरिडोर अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है और अगले महीने से इस पर वाहनों की रफ्तार सचमुच फर्राटेदार होने की तैयारी में है। करीब 3792 करोड़ रुपये की लागत से तैयार यह 124.41 किलोमीटर लंबा हाईवे राज्य के ट्रांसपोर्ट नेटवर्क को नई दिशा देने जा रहा है।यह महत्वाकांक्षी परियोजना भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की निगरानी में 2022 से चार अलग-अलग पैकेजों में विकसित की जा रही है। फिनिशिंग का काम अब अंतिम दौर में है और लक्ष्य 30 जून तक पूरा कर सड़क को आम जनता के लिए खोलने का रखा गया है।
इस हाईवे के शुरू होने के बाद मुंगेर से मिर्जा चौकी की दूरी, जो अभी 4 से 5 घंटे में तय होती है, घटकर लगभग 2 घंटे रह जाएगी। इसका सीधा फायदा आम यात्रियों को मिलेगा, खासकर उन लोगों को जो मुंगेर, सुल्तानगंज, भागलपुर, कहलगांव, पीरपैंती और झारखंड बॉर्डर के बीच रोजाना सफर करते हैं। जाम की समस्या में भी भारी कमी आने की उम्मीद है।
यह कॉरिडोर सिर्फ एक सड़क नहीं बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए आर्थिक विकास की नई लाइफलाइन माना जा रहा है। ग्रीनफील्ड डिजाइन होने के कारण यह मार्ग सीधे शहरों को जोड़ते हुए औद्योगिक गतिविधियों को भी बढ़ावा देगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे भागलपुर-मुंगेर बेल्ट में निवेश और लॉजिस्टिक्स सेक्टर को नई गति मिलेगी।
इस बड़े प्रोजेक्ट के साथ ही बिहार में गंगा के दक्षिणी हिस्से में मिर्जा चौकी से बक्सर तक लगभग 430 किलोमीटर लंबे 4-लेन हाईवे नेटवर्क का विस्तार भी आकार ले रहा है। मोकामा-बख्तियारपुर-पटना और आगे बिहटा, सोन नदी के किनारे एलिवेटेड कॉरिडोर तथा आरा-बक्सर रूट पहले से ही इस नेटवर्क को मजबूत कर रहे हैं।इसी बीच भागलपुर से मिर्जा चौकी तक 2-लेन सड़क भी अगले दो महीनों में पूरी होने की संभावना है, जिससे स्थानीय लोगों को लंबे समय से चली आ रही जाम और खराब कनेक्टिविटी की समस्या से राहत मिलेगी।
कुल मिलाकर यह पूरा हाईवे कॉरिडोर बिहार के उत्तर-दक्षिण कनेक्टिविटी को नई रफ्तार देने वाला प्रोजेक्ट बनकर उभर रहा है, जो न सिर्फ यात्रा समय घटाएगा बल्कि इलाके की आर्थिक तस्वीर भी बदल सकता है।