Samriddhi Yatra:नीतीश कुमार की समृद्धि यात्रा में हड़कंप, मंच से जाते ही आलू प्याज लूटने के लिए टूट पड़े लोग, वीडियो वायरल

Samriddhi Yatra:समृद्धि यात्रा में कृषि विभाग के स्टॉल पर ऐसे टूट पड़ते नजर आ रहे हैं, जैसे बरसों से सब्ज़ियों का दीदार न किया हो। आलू, प्याज़, बैंगन और गाजर, जो महज़ नुमाइश के लिए सजाए गए थे, अचानक गनीमत बन गए और भीड़ उन्हें लूटने में मशगूल हो गई।

CM नीतीश के जाते ही आलू-प्याज लूटने के लिए टूट पड़े लोग- फोटो : social Media

Samriddhi Yatra: बिहार की सियासी फिज़ा में इन दिनों समृद्धि यात्रा का खूब शोर है, मगर जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। सीएम नीतीश कुमार हर रोज एक नए जिले में तरक्की और खुशहाली का पैगाम लेकर पहुंच रहे हैं, लेकिन मुंगेर के सफियाबाद मैदान से जो मंजर सामने आया, उसने इस समृद्धि की असल तस्वीर पर बड़ा सवालिया निशान लगा दिया।

सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो (जिसकी तस्दीक़ नयूज4नेशन नहीं करता  है) में लोग कृषि विभाग के स्टॉल पर ऐसे टूट पड़ते नज़र आ रहे हैं, जैसे बरसों से सब्ज़ियों का दीदार न किया हो। आलू, प्याज़, बैंगन और गाजर, जो महज़ नुमाइश के लिए सजाए गए थे, अचानक गनीमत बन गए और भीड़ उन्हें लूटने में मशगूल हो गई।

दिलचस्प बात ये है कि जब तक सीएम नीतीश का काफिला मौजूद रहा, सब कुछ बड़े सलीके और निज़ाम के साथ चलता रहा। लेकिन जैसे ही भाषण खत्म हुआ और कारवां आगे बढ़ा,  समृद्धि भी हवा हो गई। फिर क्या थान कोई कायदा, न कोई कानून बस सब्ज़ियों पर अवाम का हक कायम हो गया।

ये कोई पहला वाक़िया नहीं है। इससे पहले सहरसा में भी कुछ ऐसा ही मंजर देखने को मिला था, जब मछलियों की नुमाइश अचानक मुफ़्त की मछली मार्केट में तब्दील हो गई थी। फर्क बस इतना है कि इस बार मछलियों की जगह सब्ज़ियों ने ले ली, लेकिन कहानी वही रही समृद्धि के दावों के बीच जरूरत की हकीकत।

अब सवाल ये उठता है कि अगर एक सरकारी नुमाइश में रखी सब्ज़ियां भी महफूज़ नहीं रह सकतीं, तो फिर आम अवाम की रोज़मर्रा की ज़रूरतों का क्या हाल होगा? क्या ये वाक़िया महज़ भीड़ की बे-तरतीबी है, या फिर उस सच्चाई की झलक, जिसे आंकड़ों और भाषणों के पर्दे में छुपाया जा रहा है?

फिलहाल सरकार की तरफ से कोई  बयान सामने नहीं आया है, मगर ये वीडियो समृद्धि यात्रा के दावों पर प्रश्न तो खड़ा कर ही रहा है जहां सब्ज़ियां भी सियासत का आईना दिखा रही हैं।