Bihar Crime : मुंगेर में 'शैडो ऑपरेशन' के तहत CRPF और पुलिस को मिली बड़ी कामयाबी, AK-47 के दर्जनों जिन्दा कारतूस किया बरामद

Bihar Crime : मुंगेर में शैडो ऑपरेशन के तहत सुरक्षा बलों और पुलिस को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है, इस दौरान भारी मात्रा में AK-47 की गोलियां बरामद की गयी है......पढ़िए आगे

AK-47 की गोलियां बरामद - फोटो : SOCIAL MEDIA

MUNGER : जिले के नक्सल प्रभावित इलाकों में सुरक्षा बलों ने एक बार फिर बड़ी कामयाबी हासिल की है। मुंगेर जिला पुलिस और सीआरपीएफ की 215वीं बटालियन (पैसरा कैंप) द्वारा चलाए गए एक विशेष संयुक्त 'सी-लेवल शैडो ऑपरेशन' के दौरान भारी मात्रा में एके-47 राइफल के जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। नक्सलियों या अपराधियों द्वारा जंगल में छिपाकर रखी गई इस खेप को समय रहते बरामद कर सुरक्षा बलों ने किसी बड़ी साजिश को नाकाम कर दिया है।

जानकारी के अनुसार, यह सर्च ऑपरेशन पैसरा और सवासीन पहाड़ के जंगलों में चलाया जा रहा था। इसी दौरान सुरक्षा बलों की नजर जंगल के रास्ते में एक पेड़ की खोह (गड्ढे) पर पड़ी, जहाँ कुछ संदिग्ध वस्तु दिखाई दी। सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए, तत्काल मौके पर डीएसएमडी (Deep Search Metal Detector) संचालक और डॉग हैंडलर को बुलाया गया। पूरे इलाके की घेराबंदी कर जब गहन तलाशी ली गई, तो पेड़ के भीतर एक काली प्लास्टिक शीट में लपेटी हुई धातु की वस्तुएं मिलीं।

जब प्लास्टिक शीट को सावधानीपूर्वक खोला गया, तो सुरक्षा बल दंग रह गए। उसके भीतर से एके-47 राइफल के कुल 49 जिंदा कारतूस बरामद हुए। बरामद कारतूसों को तत्काल जप्त कर लिया गया है। माना जा रहा है कि सुरक्षा बलों की लगातार बढ़ती दबिश के कारण नक्सलियों या हथियारों के सौदागरों ने इन कारतूसों को सुरक्षित ठिकाने के तौर पर पेड़ की खोह में छिपा दिया था, ताकि बाद में इनका इस्तेमाल किया जा सके। इस सफलता के बाद, लड़ैयाटांड थाना में कांड संख्या 03/26 दर्ज कर ली गई है और पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई में जुट गई है। पुलिस अब इस बात की तफ्तीश कर रही है कि इतनी बड़ी संख्या में प्रतिबंधित हथियारों के कारतूस वहाँ कैसे पहुँचे और इसके पीछे किस गिरोह या नक्सली दस्ते का हाथ है।

मुख्यालय डीएसपी अर्जुन कुमार गुप्ता ने इस सफल अभियान की पुष्टि करते हुए कहा कि मुंगेर पुलिस और अर्धसैनिक बलों की यह संयुक्त कार्रवाई आगे भी इसी तरह जारी रहेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि सुरक्षा बलों का मुख्य उद्देश्य दुर्गम पहाड़ी और जंगली क्षेत्रों में किसी भी प्रकार की आपराधिक या नक्सली गतिविधियों को पनपने से पहले ही कुचल देना है। इस बरामदगी ने सुरक्षा तंत्र को और अधिक सतर्क कर दिया है।

इम्तियाज़ की रिपोर्ट