Republic Day : मुंगेर में झंडोत्तोलन के दौरान घोर लापरवाही, बीडीओ के सामने दो बार गिरा तिरंगा, तीसरी बार टूट गया डंडा

MUNGER : 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर जहाँ पूरा देश तिरंगे को नमन कर रहा था, वहीं मुंगेर जिले के टेटिया बंबर प्रखंड से राष्ट्रीय ध्वज के अपमान की एक शर्मनाक तस्वीर सामने आई है। यहाँ के जगरनाथ उच्च विद्यालय में झंडोत्तोलन के दौरान विद्यालय प्रशासन की ऐसी घोर लापरवाही दिखी कि एक-दो बार नहीं, बल्कि तीन बार तिरंगे की गरिमा प्रभावित हुई। इस दौरान मौके पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारी मूकदर्शक बने रहे, जिससे स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है।

दो बार गिरा झंडा, तीसरी बार टूटा डंडा

जानकारी के अनुसार, विद्यालय के प्रधानाध्यापक विनोद यादव के नेतृत्व में झंडोत्तोलन की प्रक्रिया शुरू की गई थी। जैसे ही झंडा फहराने के लिए रस्सी खींची गई, गांठ खुलने के बजाय पूरा झंडा ही खुलकर नीचे गिर गया। विद्यालय प्रबंधन ने दोबारा प्रयास किया, लेकिन दूसरी बार भी वही स्थिति बनी और तिरंगा फिर नीचे आ गिरा। हद तो तब हो गई जब तीसरी बार कोशिश की गई और इस बार झंडे का डंडा (पोल) ही टूटकर गिर गया।

तमाशबीन बने रहे जिम्मेदार अधिकारी

इस पूरी घटना की सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि मौके पर प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) सह प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (BEO) समेत कई अन्य जिम्मेदार अधिकारी मौजूद थे। राष्ट्रीय ध्वज के साथ हो रही इस बार-बार की बेअदबी के बावजूद अधिकारी तमाशबीन बने रहे। विद्यालय प्रशासन की इस तैयारी ने उनकी गंभीरता और राष्ट्रीय पर्व के प्रति संवेदनशीलता पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल

इस शर्मनाक घटनाक्रम का किसी ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया है। वीडियो वायरल होने के बाद विद्यालय प्रशासन को भारी फजीहत झेलनी पड़ रही है। तिरंगे के बार-बार नीचे गिरने और पोल टूटने के दृश्य को देखकर आम जनता में काफी नाराजगी है। लोगों का कहना है कि यह केवल एक तकनीकी खराबी नहीं, बल्कि राष्ट्रीय ध्वज का सीधा अपमान है।

कार्रवाई की उठ रही मांग

घटना के बाद अब विद्यालय प्रबंधन और मौके पर मौजूद अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठने लगी है। स्थानीय ग्रामीणों और सोशल मीडिया यूजर्स का कहना है कि जिस विद्यालय में बच्चों को राष्ट्रवाद का पाठ पढ़ाया जाता है, वहां के प्रधानाध्यापक और जिम्मेदार अधिकारियों की ऐसी लापरवाही अक्षम्य है। अब देखना यह है कि जिला प्रशासन इस मामले में क्या संज्ञान लेता है।

इम्तियाज़ की रिपोर्ट